गणतंत्र का मालिक कौन?
अब लोकतंत्र बंदूक से कम, कारोबार से ज्यादा बदला जाता है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले संस्थाओं क...
अब लोकतंत्र बंदूक से कम, कारोबार से ज्यादा बदला जाता है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले संस्थाओं क...
वे एक मालिक हैं। ऐसे मालिक, जो हर संस्था को संपत्ति और हर व्यवस्था को सौदे की संभावना के रूप मे...
भारत में अब किशोर ऐसे वर्षों से गुजरते हैं जिन्हें जीवन का सबसे जिज्ञासु और सबसे कल्पनाशील समय होना चाहिए। यही व...
आज भारत के सामने सबसे महत्वपूर्ण विदेश नीति का प्रश्न यह नहीं है कि देश उभर रहा है या नहीं।....वह पूछता है कि वि...
चुनाव का नैतिक सवाल आंकड़ों से बड़ा है। भाजपा के अनेक आलोचकों का प्रश्न यह नहीं कि ममता बनर्जी ...
डोनाल्ड ट्रंप इतिहास की दुर्घटना नहीं हैं; वे उन तनावों की सबसे तीखी अभिव्यक्त...
अमेरिका में लोकतांत्रिक संकट तेज़ और स्पष्ट है, भारत में वह धीमा और संरचनात्मक...
अभी मोदी ही सबसे बड़ी कहानी हैं। लेकिन कहानियां बदलती हैं। और इस कहानी के पाठक अब देख रहे हैं कि यह आगे बढ़ना बं...
भाषा ही यह तय करती है कि क्या सोचा जा सकता है और क्या किया जा सकता है, और जब भाषा से संकोच हटता...
पिछले एक दशक से नई दिल्ली ने खुद को एक उभरती शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसके वैश्विक स...
अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग तरह के युद्ध के लिए बने हैं, अलग-अलग समय-धाराओं पर लड़ते हैं,
उन्नति के सतही चित्र के नीचे एक शांत, पर अधिक निर्णायक वास्तविकता मौजूद है
1 जनवरी 2026 को भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। ब्राजील ...
प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी में जंग से ठिक पहले इज़राइल की संसद केनेस्सेट में खड़े होकर भारत-इज़राइल संबंधों को “...