सतीश झा
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बंगाल में आखिर हुआ क्या?
चुनाव का नैतिक सवाल आंकड़ों से बड़ा है। भाजपा के अनेक आलोचकों का प्रश्न यह नहीं कि ममता बनर्जी ...
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डोनाल्ड ट्रंप का सत्ता व्याकरण
डोनाल्ड ट्रंप इतिहास की दुर्घटना नहीं हैं; वे उन तनावों की सबसे तीखी अभिव्यक्त...
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लोकतंत्र के झटकने के रूप, ट्रंप और मोदी की कथा
अमेरिका में लोकतांत्रिक संकट तेज़ और स्पष्ट है, भारत में वह धीमा और संरचनात्मक...
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एक चेहरा, अंतहीन प्रचार अंतहीन
अभी मोदी ही सबसे बड़ी कहानी हैं। लेकिन कहानियां बदलती हैं। और इस कहानी के पाठक अब देख रहे हैं कि यह आगे बढ़ना बं...
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सभ्यता ध्वंस की भाषा, लोकतंत्र की परीक्षा
भाषा ही यह तय करती है कि क्या सोचा जा सकता है और क्या किया जा सकता है, और जब भाषा से संकोच हटता...
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पाकिस्तान का क्षण, भारत का आईना
पिछले एक दशक से नई दिल्ली ने खुद को एक उभरती शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसके वैश्विक स...
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अमेरिका उस युद्ध को समाप्त नहीं कर पाता जिसे वह बार-बार शुरू करता है!
अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग तरह के युद्ध के लिए बने हैं, अलग-अलग समय-धाराओं पर लड़ते हैं,
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भारत से गुजरती जलडमरूमध्य रेखा!
उन्नति के सतही चित्र के नीचे एक शांत, पर अधिक निर्णायक वास्तविकता मौजूद है
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ब्रिक्स अध्यक्ष भारत, पर अध्यक्षता में भी मौन!
1 जनवरी 2026 को भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। ब्राजील ...
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ड्रोन पर दांव, खाड़ी का हिसाब
प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी में जंग से ठिक पहले इज़राइल की संसद केनेस्सेट में खड़े होकर भारत-इज़राइल संबंधों को “...
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दुनिया बदल रही है पर क्या भारत तैयार?
दुनिया आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ शक्ति केवल सैन्य या आर्थिक आकार से तय नहीं होगी, बल्कि उन देश...
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दुनिया जलाने का कौन करेंगा फैसला?
सबसे चिंताजनक बात सिर्फ बमबारी नहीं, बल्कि नियमों का कमजोर होना है। जब नागरिक संविधान पर भरोसा ...
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टैरिफ और ताकत का अनुशासन
भारत इस आर्थिक कूटनीति की वापसी से परखा गया। आलोचकों का तर्क है कि नई दिल्ली ने दबाव में जल्दी कदम उठाया
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भीड़ का बड़ा पैमाना होना, तकनीक में आगे होना नहीं
भारत ने ज़्यादा ध्यान उन तकनीकों को अपनाने और लागू करने पर दिया जो बाहर विकसित हुईं। हमारे कई श्रेष्ठ शोधकर्ता व...