गले मिलने का दिखावा और जबकि असल ताकत?
भारत जैसी विश्व व्यवस्था चाहता है, वैसी खुद क्यों नहीं बनाता?...
भारत जैसी विश्व व्यवस्था चाहता है, वैसी खुद क्यों नहीं बनाता?...
उस छात्र की स्थिति सोचिए जिसकी परीक्षा रद्द हुई। उसका भविष्य अधर में है। वह अगली परीक्षा की तैयारी करे या अदालत ...
कॉकरोच जनता पार्टी के पिछले आंदोलन को देखे। 25 जुलाई को समझौता हुआ। 1 सितंबर को एफआईआर रद्द करन...
मजूदूर, नौजवान, वोट अधिकार के लिए लडता व्यक्ति तीनों नागरिक हैं। तीनों व्यवस्था से जवाब मांग रहे हैं। मगर व्यवस्...
आखिर यह कैसे संभव है कि तिमाही विकास दर 7.8 प्रतिशत पहुंच जाए...
लालकिले से 15 अगस्त 2026 का संबोधन एक साथ दो भारत दिखाता है। पहला वह भारत है जिसे सत्ता प्रस्तुत करना चाहती है
सभ्यता अगली पीढ़ी में अपनी आशा निवेश करती है। नौकरशाही अगली पीढ़ी को फाइलों, नियमों और कट-ऑफ के...
बच्चा एक ऐसी थाली के सामने बैठा है, उसके सामने इंसानियत के पूरे ज्ञान का इतिहा...
लोकतंत्र में किसी नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए अपने शरीर को दाँव पर नहीं लगाना चाहिए। संसद,...
सोनम वांगचुक का आंदोलन एक प्रश्नपत्र से आगे बढ़ जाता है। वे केवल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही नहीं माँग रहे। वे उ...
अब लोकतंत्र बंदूक से कम, कारोबार से ज्यादा बदला जाता है। सत्ता पर कब्जा करने से पहले संस्थाओं क...
वे एक मालिक हैं। ऐसे मालिक, जो हर संस्था को संपत्ति और हर व्यवस्था को सौदे की संभावना के रूप मे...
भारत में अब किशोर ऐसे वर्षों से गुजरते हैं जिन्हें जीवन का सबसे जिज्ञासु और सबसे कल्पनाशील समय होना चाहिए। यही व...
आज भारत के सामने सबसे महत्वपूर्ण विदेश नीति का प्रश्न यह नहीं है कि देश उभर रहा है या नहीं।....वह पूछता है कि वि...