India russia relations

  • रिश्ते में गरमाहट नहीं?

    हकीकत यह है कि भारत-रूस संबंध की वह गरमाहट फिलहाल मौजूद नहीं है, जो इस संबंध को एक विशेष रूप देती थी। इस बात की सबसे बड़ी मिसाल यही है कि यह लगातार दूसरा साल रहा, जब दोनों देशों में हर साल होने वाली शिखर वार्ता नहीं हुई। विदेश में एस जयशंकर ने अपनी मास्को यात्रा के दौरान रूस के साथ भारत के पारंपरिक और दोनों देशों के लिए “लाभदायक” साबित हुए रिश्ते की चर्चा पूरे उत्साह से की। इस यात्रा के दौरान कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के अगले चरण में सहयोग का करार हुआ। साथ ही भारत को रूस के...