‘असीमित दोस्ती’ कैसे बने?
कुल मिला कर द्विपक्षीय संबंध रूस के पक्ष में बेहद झुका हुआ है। उसका क्या समाधान पुतिन पेश करेंगे? उधर रूस और चीन के हित एक दूसरे के संपूरक बने हुए हैं, जबकि यह पहलू भारत के नजरिए एक समस्या है। नई दिल्ली आने से ठीक पहले व्लादीमीर पुतिन ने भारत- रूस के संबंध के बारे में अपना टेम्पलेट सामने रखा है। उन्होंने संदेश दिया कि वे भारत से वैसी ही ‘असीमित दोस्ती’ चाहते हैं, जैसी उन्होंने चीन के स्थापित की है। पुतिन ने कहा- ‘चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हमने आर्थिक मुद्दों पर ठोस वार्ता कायम की...