उचित प्रक्रिया पर जोर
जब हर व्यक्ति की नागरिकता को लेकर अनिश्चय खड़ा कर दिया गया है, सुप्रीम कोर्ट की ये व्यवस्था बेहद अहम है कि नागरिकता निर्धारण की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से “उचित, विधि-सम्मत और विवेकपूर्ण” होनी चाहिए। जिस समय नरेंद्र मोदी सरकार ने हर भारतीय की नागरिकता को सवालों के घेरे में डाल दिया है, असम के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय राहत बन कर आया है। ताजा संदर्भ में कोर्ट की ये टिप्पणी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है कि ‘सरकार की कोई मनमानी कार्रवाई सिर्फ इसलिए (न्यायिक) संरक्षण पाने का दावा नहीं कर सकती कि उसे वैधानिक जामा पहना दिया गया...