देश की पर्यटकों से खराब हो रही इमेज
शिक्षा प्रणाली में नागरिकता और नैतिक मूल्यों पर जोर कम है। परिवारों में ‘जब तक कोई पकड़ा न जाए तो जो मन आए वो करो’ की मानसिकता प्रबल है। विदेश में भारतीय समुदाय अक्सर सफल, मेहनती और विविधतापूर्ण के रूप में जाना जाता है। लेकिन पर्यटन में आने वाले निचले और मध्यम वर्ग के कुछ हिस्से इस छवि को खराब कर देते हैं। यह वर्ग पहले कम यात्रा करता था, लेकिन अब सस्ती उड़ानों और पैकेज टूर के कारण इनका आंकड़ा भी बढ़ा है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भारतीय पर्यटकों से जुड़ी वायरल वीडियो एक बार फिर...