दरवाजा खोलना काफी नहीं
भारत में 2.8 प्रतिशत लोगों के पास जीवन बीमा और एक फीसदी लोगों के पास सामान्य बीमा पॉलिसी है। प्राइवेट स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी धारकों की संख्या पांच प्रतिशत से कम है। बाकी लोग पॉलिसी का बोझ उठाने में सक्षम नहीं है। बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर केंद्र ने हाल में अनेक ऐसे फैसले लिए हैं, जिनके जरिए संदेश भेजने की कोशिश हुई है कि नरेंद्र मोदी सरकार तीव्र गति से अगले चरण के “आर्थिक सुधारों” को लागू कर रही है। इस दिशा में जीएसटी दरों में हेरफेर और चार श्रम संहिताओं पर अमल के बाद अब बीमा क्षेत्र में उदारीकरण...