‘दिमागी नक्सल’ व ‘कांग्रेस मुक्त भारत’: एक ढलाई के दो सिक्के
'दिमागी नक्सल को आइसोलेट' करने और 'कांग्रेस मुक्त भारत' -- यह दोनों नारे एक ही बात के दो रूप हैं। दोनों में भिन्न मत नागरिकों की वैचारिक अधिकार ठुकराने की घोषणा है। आखिर, चुनाव में मतदाताओं द्वारा वोट देना एक वैधानिक कार्य है। पर पहला नारा नागरिकों द्वारा कांग्रेस को वोट देना बंद कराने का आहवान था।... यह सब संघ-परिवार की राजनीतिक मूल्यांकन के लिए बेहद नकारात्मक तथ्य है। क्योंकि यह दिखाता है कि उन में बेहतर विकल्प होने की योग्यता नहीं थी। वे केवल दलीय हित जानते हैं। उन की देश हित की समझ माशाअल्लाह है। 'दिमागी नक्सल' को...