अमेरिकाः पीछे नाकामियां हैं, और आगे बीहड़
ईरान पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन का केंद्र बनेगा।...इस युद्ध पहले तक दुनिया में तीन बड़ी ताकतें (अमेरिका, चीन और रूस) थीं, जबकि यह युद्ध ईरान को चौथी बड़ी ताकत के रूप में स्थापित कर रहा है। हकीकत तो यह है कि सात अप्रैल की रात अमेरिका जिन शर्तों को शांति वार्ता का आधार बनाने को राजी हुआ, उससे दुनिया के बदले शक्ति संतुलन की एक झलक दुनिया को मिल चुकी है। इन पंक्तियों के लिखे जाने (10 अप्रैल की सुबह) तक ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की संभावना पर अंदेशों के घने बादल छाये हुए हैं। आठ...