जगन मोहन की चिट्ठी का क्या हुआ?

यह हैरान करने वाली बात है कि एक राज्य के मुख्यमंत्री ने देश के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी और सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज की शिकायत की और उसके 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई होती नहीं दिख  रही है।

जगन मोहन रेड्डी ने की मोदी से मुलाकात

आन्ध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की केन्द्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार से बढती नजदीकी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलबाजियों के

जगन मोहन विधान परिषद खत्म कर रहे हैं

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी अपेक्षाकृत युवा नेता हैं और उनके सत्ता में आने के बाद नई राजनीति की उम्मीद थी। पर ऐसा लग रहा है कि वे समय का पहिया उलटा घूमाने में लगे हैं। वे पिछली सरकारों के सारे कामकाज पर पानी फेरने में लगे हैं।

जगन के रवैए से निवेशकों में चिंता

कारोबार सुगमता सूचकांक में भारत की स्थिति में लगातार हुए सुधार के बावजूद निवेश में सुधार नहीं हो रहा है। विदेशी निवेशक भारत में पैसे लगाने उस अनुपात में नहीं आ रहे हैं, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

एक राज्य, तीन राजधानियां!

आंध्र प्रदेश में तीन राजधानियां बनाने के मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी राज्य में तीन राजधानी बनाकर “विकास को विकेन्द्रीकृत” करना चाहते हैं। आंध्र प्रदेश में विधानसभा में तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें तीन राजधानियां बनाने की योजना को आकार देने संबंधी विधेयक पेश किया गया। लेकिन विपक्ष और कई सामाजिक संगठन सरकार के इस फॉर्मूले से सहमत नहीं हैं। पूरे आंध्र प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आंध्र पुलिस का कहना है कि विजयवाड़ा, गुंटूर और अमरावती के अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के 57 नेताओं को नजरबंद कर रखा गया है। वहीं विजयवाड़ा, अमरावती, गुंटुर में करीब आठ हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आलोचकों का कहना है कि 2015 में प्रदेश की राजधानी के तौर पर विकसित करने के लिए उस वस की सरकार ने कई समझौते किए थे। अब तीन-तीन राजधानी बनाना सिर्फ ध्यान भटकाने वाला काम है। एक शिकायत यह भी है कि जो विकास संबंधी कार्य होने चाहिए थे वो नहीं हो रहे हैं। नई राजधानी के विकास के लिए लंबा वक्त और पैसे… Continue reading एक राज्य, तीन राजधानियां!

नए क्षत्रपों के उभरने का साल

जाते हुए साल की सबसे खास बात यह रही कि इसने देश को कम से कम चार नए क्षत्रप दिए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में अलग अलग राज्यों की राजनीति प्रभावित होगी। चार महीने पहले तक किसी ने सोचा भी नहीं था कि महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार का कोई सदस्य चुनाव मैदान में उतरेगा और उस परिवार का कोई व्यक्ति राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा।

तीन राजधानी का विचार अच्छा है

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण का एक नायाब प्रस्ताव पेश किया है। वे चाहते हैं कि उनके राज्य की राजधानी तीन हिस्सों में बंटे। कार्यपालिका के लिए अलग राजधानी बने, विधायिका का राजधानी अलग हो और न्यायपालिका के लिए अलग राजधानी हो।

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