Jawaharlal Nehru

  • कहां नेहरू, कहां मोदी!

    ओह! भारत तब और अब! तब भारत गुल्ली डंडा खेलता था। अब क्रिकेट का सट्टा खेलता है। तब खेलना कर्म था, जिंदादिली थी, अब देखना है, लूटा जाना है। तब हर वह काम होता था जो मनुष्य (खासकर ‘कर्म’ के हिंदू फलसफे की अनिवार्यता में) अस्तित्व की तासीर है। तब कर्मवीर नेहरू थे। भारत कर्मशील था। नेहरू के स्टाफ में स्टेनोग्राफरों की भीड़ थी। वे घंटों डिक्टेशन देते, नोट लिखाते, दस्तखत करते, उसी से फाइलें, योजनाएं और रोडमैप बनते थे। मंत्री भी तब ऐसे ही काम करते थे। इसलिए नेहरू के कार्यकाल और मोदी राज की फाइलों की पचास साल...