K. Rajasekharan

  • बुजुर्ग राज्यपालों को चिंता करने की जरुरत नहीं

    भारत में राज्यपाल बनने के बाद सक्रिय राजनीति में लौटना कोई अनोखी बात नहीं है। हमेशा ऐसा होता रहा है। कई नेता राज्यपाल रहने के बाद सक्रिय राजनीति में लौटे और मुख्यमंत्री या केंद्रीय मंत्री बने। सुशील कुमार शिंदे से लेकर मोतीलाल वोरा तक की मिसाल है। भाजपा ने भी उत्तर प्रदेश में बेबीरानी मौर्य से लेकर तमिलनाडु में तमिलिसाई सौंद्रयराजन तक को चुनाव लड़ाया। लेकिन अगर भाजपा का कोई नेता बुजुर्ग हो और राज्यपाल रहा हो फिर भी उसे चुनाव लड़ने का मौका मिले तो यह भाजपा के कई बुजुर्ग नेताओं के लिए बड़ी राहत की बात होगी। असल...