युवा टीम बनाने का राहुल का दूसरा प्रयास

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर युवा नेताओं की टीम बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह उनका दूसरा प्रयास है।

कन्हैया तो बहाना ‘मुद्दा’ राष्ट्रवाद को बनाना

फ्री कंसलटेंसी के लिए पहचाने जाने वाले राजा दिग्विजय ने क्या सोच समझकर सरस्वती विद्या मंदिर के मुद्दे पर संघ और भाजपा नेतृत्व को निशाने पर लिया था..

‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ अब उनका आधिकारिक नारा है, कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर बीजेपी का वार

कांग्रेस उनके जैसे नेताओं का स्वागत करती है जो ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ के नारे लगाने वालों का समर्थन करने के लिए जाने जाते हैं। और उन लोगों को भी समर्थन देते हैं जो अफजल गुरु जैसे आतंकवादी का समर्थन

कन्हैया और मेवानी कांग्रेस में शामिल होंगे

सीपीआई के नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार दो अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस में क्या करेंगे कन्हैया?

कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर कन्हैया क्या कर लेंगे? बिहार में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से राष्ट्रीय जनता दल पर निर्भर है। उसे राजद के हिसाब से राजनीति करनी है।

कन्हैया से किसे खतरा और किसको फायदा?

सीपीआई के नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ दिल्ली सरकार ने देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। कन्हैया के साथ साथ आठ और लोगों के ऊपर मुकदमा चलेगा। दिल्ली सरकार की ओर से दी गई टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दिल्ली सरकार को देशद्रोह कानून की समझ नहीं : चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और नौ अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी

कन्हैया पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में कश्मीर को लेकर हुई कथित नारेबाजी की घटना के चार साल के बाद आखिरकार उस समय के जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष और दूसरे  छात्र नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है। सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार और दूसरे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस मामले की फाइल काफी वक्त से दिल्ली सरकार के पास लटकी थी। दिल्ली सरकार ने देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी दी है। फरवरी 2016 में दिल्ली के जेएनयू में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2019 में आरोपपत्र दाखिल की थी। भाजपा ने इसे चुनाव में मुद्दा भी बनाया था और दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था कि वह जान बूझकर इसकी मंजूरी में देरी कर रही है। बहरहाल, दिल्ली सरकार ने मुकदमा चलाने के लिए विशेष शाखा को मंजूरी दे दी है। कन्हैया के अलावा उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब, उमर गुल, बशरत अली और खालिद बसीर के खिलाफ देशद्रोह… Continue reading कन्हैया पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

क्या नीतीश कन्हैया को प्रमोट कर रहे हैं?

बिहार में 27 फरवरी को सीपीआई की संविधान बचाओ, नागरिकता बचाओ रैली है। कम्युनिस्ट पार्टियों की पहले भी रैलियां होती रही हैं पर उनको लेकर इतनी हाइप नहीं बनती थी, जितनी इस बार बनी है। इसका कारण सीपीआई के नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार हैं।

कन्हैया पर हमले विरोध की रणनीति

पटना। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया है कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या उनके समर्थित संगठनों द्वारा हमले कराए जा रहे हैं। कन्हैया इन दिनों नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में अपनी जन-गण-मन यात्रा के दौरान बिहार के दौरे पर हैं और सभाएं कर रहे हैं। इस दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में असामाजिक तत्वों द्वारा उनके काफिले पर नौ हमले हो चुके हैं। माना जा रहा है कि भूमिहार जाति से आने वाले कन्हैया की इस यात्रा के दौरान हो रही सभाओं में भारी भीड़ एकत्रित हो रही है, जिसमें मुस्लिम और हिंदू बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। भूमिहार जाति को भाजपा का वोट बंैक माना जाता है। ऐसे में कहा जा रहा है कि दक्षिणपंथी संगठन वामपंथ के विरोध में खड़े हो गए हैं। माकपा सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कन्हैया पर हमले करने वाले कोई और नहीं हैं, बल्कि हताश और हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ता हैं। जितनी सुरक्षा कन्हैया की यात्रा को मिलनी चाहिए, उतनी नहीं मिल रही है, जिस कारण कई लोगों को हमला करने का मौका मिल जाता है। कन्हैया की चर्चित छवि से… Continue reading कन्हैया पर हमले विरोध की रणनीति

बिहार में कन्हैया के काफिले पर पथराव

आरा। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाकपा नेता कन्हैया कुमार के काफिले पर बिहार में एकबार फिर पथराव किया गया। इस पथराव में हालांकि कन्हैया कुमार सुरक्षित रहे, परंतु उनके काफिले के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि कन्हैया बक्सर में सभा कर आरा जा रहे थे, तभी काफिले पर बीबीगंज बाजार के पास असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। इस हमले में कन्हैया की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। किसी तरह पुलिस ने कन्हैया को दूसरी गाड़ी पर बैठाकर आरा की ओर निकाला। आरोप है कि शुक्रवार को जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के काफिले ने कुछ बाइक सवारों को कुचल दिया था। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर पथराव कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची और काफिले को आगे बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि एनआरसी और सीएए के खिलाफ कन्हैया अपनी ‘जन-गण-मन यात्रा’ पर हैं। इसे भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी का 16 फरवरी को वाराणसी दौरा एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह बिहार के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पहुंचेंगे और करीब 50 सभाएं करेंगे। कन्हैया ने इस यात्रा की शुरुआत 30 जनवरी को बेतिया… Continue reading बिहार में कन्हैया के काफिले पर पथराव

बिहार में सीपीआई का कन्हैया कार्ड

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार भले बेगूसराय सीट से लोकसभा का चुनाव हार गए पर एक नेता के तौर पर वे बहुत मजबूती से स्थापित हो गए हैं।

आजादी गीत की शुरुआत कहां हुई थी

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने आजादी गीत को बेहद लोकप्रिय बना दिया है। वे हर जगह यह गीत गाते हैं। पिछले दिनों फिल्म अभिनेत्री दीपिका पदुकोण जेएनयू कैंपस में पहुंची तो उनके सामने भी कन्हैया ने आजादी गीत गाया।

सीएए हिंदुस्तान के खिलाफ: कन्हैया

पटना। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में गुरुवार को वामदलों के आह्वान पर बिहार बंद के समर्थन में भाकपा नेता कन्हैया कुमार ने यहां डाकबंगला चौराहा पर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बंद समर्थकों में जोश भरा और इस कानून को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया ने कहा, यह कानून हिंदू और मुसलमान के खिलाफ नहीं, बल्कि यह हिंदुस्तान के खिलाफ है। इस कानून की वजह से बिहार प्रभावित होगा। सीएए और एनआरसी देश को बांटने के लिए है। उन्होंने कहा, “दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता तय नहीं की जा सकती। यह देश अपनी गति से चल रहा था। यह कानून और एनआरसी देश को बांटने के लिए है। अहम मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसा किया गया है। यह कानून गरीब लोगों के लिए परेशानी है। उन्होंने सीएए के विरोध में 21 दिसंबर को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बिहार बंद का समर्थन करने की घोषणा की। कन्हैया ने कहा, आज देश के नौजवानों की बात नहीं होती। किसान खेत में मर रहे हैं। उनकी कोई चिंता नहीं कर रहा। चुनाव में देश के लोगों की बात नहीं की जाती। चुनाव में हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की… Continue reading सीएए हिंदुस्तान के खिलाफ: कन्हैया

जामिया के विद्यार्थियों को मिला कन्हैया का साथ

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ आंदोलन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय के छात्रों को अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कन्हैया कुमार का साथ मिला है।

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