Kumbh Mela 2025

  • कुंभ का बहुत धार्मिक महत्व

    Kumbh Mela 2025: ऐतिहासिक विवरणियों के अनुसार भारत में कुम्भ मेले की जड़ें सहस्त्राब्दियों वर्ष पुरानी हैं, जिसका प्रारंभिक उल्लेख वैदिक, पौराणिक ग्रंथों तथा चौथी शताब्दी ईसा पूर्व से छठी शताब्दी ईस्वी में भारत के शासक रहे मौर्य और गुप्त काल के दौरान मिलता है। तीर्थराज प्रयाग पवित्र स्थलों में सबसे ऊपर माना जाता है। पवित्रता के प्रतीक के रूप में मान्यता प्राप्त गंगा नदी को पुण्यदायिनी कहा जाता है। पुण्य व धार्मिकता की दाता गंगा भक्ति की प्रतीकात्मक यमुना नदी से मिलती है, जिनसे अदृश्य स्वरूपिनी ज्ञान की प्रतीक सरस्वती मिलती है। also read: संदीप दीक्षित से भी माफी मांगनी...