Labour export

  • मुश्किलों से भरा मॉडल

    ‘श्रमिक निर्यात’ की नीति दरअसल देश में रोजगार सृजन की विफलता को ढकने की कोशिश रही है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आव्रजक विरोधी मुद्दों के प्रमुखता पाने से इस मॉडल के लिए चुनौतियां बढ़ी हैं। एक मशहूर ब्रिटिश अखबार ने आगाह किया है कि भारत श्रमिकों के निर्यात के जिस मॉडल को आगे बढ़ा रहा था, उसकी सीमा अब आ गई है। फाइनेंशियल टाइम्स ने इस मॉडल की तुलना चीन के कारखाना उत्पादों की आक्रामक निर्यात नीति से की है, जिसे अब पश्चिम में ‘चाइना शॉक 2.0’ कहा जा रहा है, और जिसको लेकर पश्चिमी देश अब जवाबी कार्रवाई...