राज्यपाल के फैसले पर नजरें

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी राज्य सरकार की ओर से विधान परिषद में मनोनीत करने के लिए भेजे गए नामों पर क्या फैसला करते हैं

विधान-परिषद चुनाव में भाजपा के साख की परीक्षा

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्र की 11 सीटों के लिए 1 दिसम्बर को मतदान होना है। इस चुनाव में भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में है।

राजद विधायकों को तेजस्वी का पत्र, जनसेवा कर्म

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के सभी विधानसभा, विधानपरिषद के सदस्यों को पत्र लिखकर उन्हें कोरोनावायरस से लड़ने में और सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन्स को आमजन तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की है। तेजस्वी ने शुक्रवार को लिखे अपने पत्र में कहा है कि जनहित हमारी भक्ति है, जनसेवा हमारा कर्म है। उन्होंने लिखा आज पूरे विश्व और देश सहित पूरा बिहार भी कोरोनावायरस की विपदा से जूझ रहा है। यह समय है जनसेवा की शपथ को चरितार्थ करने का, लोगों का जीवन बचाने के लिए पुरुषार्थ का कण-कण अर्पण करने का है। उन्होंने आगे लिखा हर घर, गांव-गली, टोला-मोहल्ला, पंचायत-प्रखंड और जिला स्तर पर मुस्तैदी से नजर रखें। अगर आप के क्षेत्र में एक भी हमारा भाई, बहन, माता और पिता इस घड़ी में अकेला और तकलीफ में हैं तो यह हमारी असफलता होगी। जनता की हर जरूरत पूरी हो यह आपकी पहली और आखिरी प्राथमिकता हो, क्योंकि हर जीवन अनमोल और जरूरी है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने विधायकों से सरकार के दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराने और खुद भी उसका पालन करने की अपील करते हुए कहा कि आसपास के अस्पताल, पुलिसकर्मी, नर्स, डॉक्टर… Continue reading राजद विधायकों को तेजस्वी का पत्र, जनसेवा कर्म

संघ पर उठे विवाद के कारण विधान परिषद की कार्यवाही स्थगित

महाराष्ट्र विधान परिषद में शनिवार को चर्चा के दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (संघ) पर एक विधायक की टिप्पणी पर विपक्षी भाजपा के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई

जगन मोहन विधान परिषद खत्म कर रहे हैं

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी अपेक्षाकृत युवा नेता हैं और उनके सत्ता में आने के बाद नई राजनीति की उम्मीद थी। पर ऐसा लग रहा है कि वे समय का पहिया उलटा घूमाने में लगे हैं। वे पिछली सरकारों के सारे कामकाज पर पानी फेरने में लगे हैं।

राज्य के पास विधान परिषद खत्म करने की शक्ति नहीं : तेदेपा

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार या विधानसभा के पास विधान परिषद को खत्म करने की कोई शक्ति नहीं है और यह निर्णय केंद्र पर निर्भर करेगा। तेदेपा ने विधानसभा सत्र से दूर रहने का फैसला किया है। पार्टी ने कहा कि प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया गया और परिषद में पेश किया है, जोकि महज एक प्रस्ताव है। राज्य की विधान परिषद में तेदेपा नेता और पूर्व मंत्री वाई. रामकृष्णुडू ने संवाददाताओं से कहा अगर विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिया है तो भी यह महज प्रस्ताव ही होगा। केवल संसद को ही परिषद को खत्म करने का अधिकार है। उन्होंने परिषद को समाप्त करने के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के फैसले को सबसे अलोकतांत्रिक और अवैध कदम करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह केवल इसलिए कर रही है, क्योंकि उसके पास उच्च सदन में बहुमत का अभाव है और परिषद के अध्यक्ष ने तीन राजधानियों के विधेयक को एक प्रवर (सेलेक्ट) समिति को भेज दिया है। इसे भी पढ़ें : आंध्र मंत्रिमंडल ने विधान परिषद खत्म करने के विधेयक को मंजूरी दी रामकृष्णुडू ने कहा कि परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया लंबी होगी।… Continue reading राज्य के पास विधान परिषद खत्म करने की शक्ति नहीं : तेदेपा

आंध्र मंत्रिमंडल ने विधान परिषद खत्म करने के विधेयक को मंजूरी दी

अमरावती। मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता वाली आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के उच्च सदन विधान परिषद को समाप्त करने के विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश विधान परिषद को खत्म करने का फैसला सोमवार को यहां हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। विधान परिषद में विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों का प्रभुत्व है, जोकि सत्ताधारी वाईएसआरसी पार्टी द्वारा राज्य में तीन राजधानियां बनाने के फैसले का विरोध कर रही है। विधान परिषद में जगन के तीन राजधानियों वाले महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को झटका लगा है। इस संबंध में जब विधेयक को विधान परिषद में पेश किया गया तो तेदेपा ने इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया, जिसके कारण उनकी यह परियोजना लटक गई है। कैबिनेट ने विपक्षी तेदेपा द्वारा बहुमत के बल से विधानसभा के विधेयकों को रोकने के लिए कथित दुरुपयोग के मद्देनजर विधान परिषद को खत्म करने का संकल्प लिया है। इसे भी पढ़ें : तीसरे आलू सम्मेलन को संबोधित करेंगे मोदी इससे पहले तेदेपा ने विधान परिषद में एससी और एसटी के लिए अलग-अलग आयोग बनाने संबंधित प्रस्ताव में या तो देरी की या उसे खारिज कर दिया था। इसके अलावा परिषद ने सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी… Continue reading आंध्र मंत्रिमंडल ने विधान परिषद खत्म करने के विधेयक को मंजूरी दी

सर्वसम्मति से पारित हुआ संविधान संशोधन विधेयक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद ने भी मंगलवार को अपने विशेष सत्र के दौरान लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण की अवधि को 10 साल के लिए और बढ़ाने के विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। विधान परिषद में नेता सदन उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुके 126वें संविधान संशोधन विधेयक 2019 को समर्थन देने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में पिछले 70 वर्षों से दिए जा रहे अजा, अजजा और एंग्लो-इंडियन के लिए आरक्षण की मीयाद 25 जनवरी, 2020 को खत्म होने वाली थी। सदन में सपा और विपक्ष के नेता अहमद हसन ने इस विधेयक का पुरजोर समर्थन करते हुये कहा ‘‘यह विधेयक समाज में समानता लाने वाला है। यह देश के दबे-कुचले लोगों को समाज की अगली कतार में खड़ा करने वाला है। हमारी पार्टी सदैव इसका समर्थन करती रही है। सदन में बसपा के नेता दिनेश चन्द्रा ने कहा ‘‘यह एक ऐतिहासिक विधेयक है। इस विधेयक के माध्यम से ही हमारे समाज के लोग इस सदन में आते हैं। इसका मैं पुरजोर समर्थन करता हूं।’’ कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह ने कहा ‘‘आज ही के दिन पूर्ण… Continue reading सर्वसम्मति से पारित हुआ संविधान संशोधन विधेयक

उप्र विधान परिषद का शीतलकालीन सत्र 17 दिसम्बर से

उत्तर प्रदेश विधनमंडल के 17 दिसम्बर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में विधान परिषद का प्रस्तावित कार्यक्रम इस प्रकार है।
विधान परिषद

विधान परिषद के गठन को लेकर वाद-विवाद शुरू

मध्य प्रदेश सरकार ने विधान परिषद के गठन को लेकर जो शुरुआती तैयारियां शुरू की हैं उसको लेकर वाद विवाद की स्थिति बन गई है जबकि अभी इसकी गठन को लेकर एक लंबी यात्रा तय करना है। इसके पहले भी इसके गठन को लेकर प्रयास हो चुके हैं लेकिन वे अब तक फलीभूत नहीं हो पाए हैं।

विधान परिषद के गठन का विचार पुराना है : कमलनाथ

ध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि राज्य में विधान परिषद के गठन का विचार लगभग 20 वर्ष पुराना है और इसमें नया कुछ नहीं है। कमलनाथ ने यहां मीडिया के सवालाें के जवाब में कहा कि विधान परिषद के माध्यम से लोगों को और प्रतिनिधित्व मिले, यही सरकार की सोच है।

और लोड करें