Maha Kumbh narrative

  • मुट्ठी तानिए, मुट्ठी से मुक्ति के लिए

     कुंभ सनातन की समानता का महायज्ञ है। उसे किसी व्यक्ति या दल विशेष उन्मुख एकजुटता की तरह प्रचारित करने की काइयां करतूत के भीतर ज़रा गहराई से झांकिए। यह शरारत नहीं, साज़िश है। असली हिंदू-विरोधी वे हैं, जिन्होंने अपने को हिंदुओं का ठेकेदार घोषित कर दिया है। सनातन के असली शत्रु वे हैं, जो सनातन के पर्वों, परंपराओं और रीति-रिवाजों पर काबिज़ हो कर उन्हें अपनी मुट्ठी में भींच रहे हैं। उन का असली मक़सद सनातन के स्व-प्रवाह को अपने बहीखाते में बांधना है। इन तत्वों से मुक्ति में ही सनातन की शाश्वतता अक्षुण्ण रह पाएगी। इसलिए इन की मुट्ठी...