पुष्टिमार्ग के प्रणेता वल्लभाचार्य
वल्लभाचार्य का सबसे बड़ा धार्मिक कार्य पुष्टिमार्ग की स्थापना है। “पोषणं तदनुग्रहः” अर्थात भगवान की कृपा ही पोषण है। जहाँ अन्य मार्ग साधना, जप और तप पर जोर देते हैं, वहीं पुष्टिमार्ग पूरी तरह श्रीनाथ जी की कृपा पर आधारित है। उन्होंने पूजा के स्थान पर सेवा को प्रमुख बनाया। 13 अप्रैल वल्लभाचार्य जयंती पंद्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में, जब भारतीय समाज बाहरी आक्रमणों और भीतर की जड़ता से जूझ रहा था, तब वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग के माध्यम से भक्ति का प्रसार किया। वल्लभाचार्य का सबसे बड़ा बौद्धिक योगदान शुद्धाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन है। उन्होंने शंकराचार्य के केवलाद्वैत में माया...