Maharashtra asseimbly election

  • महाराष्ट्र में सब अपना अपना चुनाव लड़े

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में छह पार्टियों ने दो गठबंधन बना कर चुनाव लड़े। ऊपर से ऐसा लग रहा था कि कितनी मेहनत करके इन पार्टियों ने गठबंधन बनाया है, कितनी मेहनत करके एक दूसरे के साथ तालमेल बैठाते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है और मेहनत करके एक दूसरे को जिताने की कोशिश कर रहे होंगे लेकिन हकीकत यह है कि सबने अपना अपना चुनाव लड़ा, सब अपने अपने वोट आधार के भरोसे रहे, किसी ने किसी की मदद नहीं की और कई जगह एक दूसरे से स्कोर सेटल करने का काम हुआ। यही कारण है कि कोई भी पूरे...

  • इस बार तो अडानी की भूमिका और बड़ी?

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद जब शिव सेना के ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का दावा करने के बाद गतिरोध पैदा हुआ और वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश चालू हुई तो भाजपा और एनसीपी के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें देश के नंबर एक अमीर कारोबारी गौतम अडानी भी शामिल हुए थे। अजित पवार ने कहा है कि बैठक में शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, देवेंद्र फड़नवीस मौजूद थे। खुद अजित पवार और गौतम अडानी भी इसमें शामिल हुए। उनका कहना है कि...

  • महाराष्ट्र में राहुल का चुनाव अभियान शुरू

    नागपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में चुनाव अभियान शुरू किया। बुधवार, छह नवंबर को उन्होंने नागपुर में संविधान सम्मान के एक कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि देश में जाति गणना होगी। राहुल ने कहा- देश में जाति जनगणना होगी और इससे दलितों, ओबीसी और आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय का पता चलेगा। राहुल गांधी ने आरक्षण की 50 फीसदी की सीमा को भी बढ़ाने का वादा किया। महा विकास अघाड़ी की चुनावी रैली में राहुल ने जाति गणना का महत्व बताते हुए कहा- जाति जनगणना से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। सभी को पता चल...

  • महाराष्ट्र में सस्पेंस खत्म नहीं हो रहा

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है और साथ ही नतीजों और नतीजों के बाद की राजनीति का सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। पिछले 30 साल की तरह इस बार भी महाराष्ट्र की कोई भी पार्टी अकेले दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी। त्रिशंकु विधानसभा या गठबंधन सरकार का जो प्रयोग 1995 में भाजपा और शिव सेना की सरकार के साथ शुरू हुआ था वह आगे भी जारी रहने वाला है। सबसे ज्यादा 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही भाजपा ने भी मान लिया है कि वह अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है...

  • चुनाव नतीजों के बाद का भी बड़ा सस्पेंस

    महाराष्ट्र में जितना सस्पेंस चुनाव नतीजों का है उससे ज्यादा सस्पेंस चुनाव नतीजों के बाद का है। मुंबई से लेकर दिल्ली तक इस बात पर सट्टा लगाए जाने की खबर है कि चुनाव के बाद पार्टियां किस तरह से राजनीति करेंगी। इसमें सस्पेंस उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे और अजित पवार को लेकर सबसे ज्यादा है। महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने पर उद्धव ठाकरे को हर हाल में मुख्यमंत्री बनना है। उनको पता है कि अगर सरकार बनी और वे मुख्यमंत्री नहीं बने तो पार्टी की राजनीति को स्थायी नुकसान होगा। वे अपने बेटे आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री बना कर...

  • अजित पवार के अस्तित्व की लड़ाई

    चुनाव आयोग और विधानसभा स्पीकर ने अजित पवार की पार्टी को असली एनसीपी माना है और उनको घड़ी का चुनाव चिन्ह भी मिल गया है। इसके बावजूद अपने चार दशक से ज्यादा लंबे राजनीतिक करियर में वे पहली बार अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। तभी वे सारे दांव आजमा रहे हैं। तभी वे सारे दांव आजमा रहे हैं। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की विधानसभा सीट पर अनिल देशमुख नाम का उम्मीदवार खोज कर उतारा है। उनको लग रहा है कि अनिल देशमुख नाम और घड़ी चुनाव चिन्ह देख कर लोग उनकी पार्टी को वोट दे देंगे।...

  • कांग्रेस ने यूपी का बदला महाराष्ट्र में लिया

    कांग्रेस पार्टी ने समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश का बदला महाराष्ट्र में ले लिया। उत्तर प्रदेश में नौ सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव हो रहे हैं, जिनमें से सपा ने कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ी थीं। एक सीट गाजियाबाद की थी और दूसरी अलीगढ़ की खैर सीट थी। कांग्रेस को पता था कि ये दोनों हारने वाली सीटें हैं। सो, उसने चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया। इस बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र में पांच उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया और सात अन्य सीटों की मांग की। यानी कुल 12 सीटों की...

  • महाराष्ट्र में साफ हुई मुकाबले की तस्वीर

    मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा की सभी 288 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चुनावी तस्वीर कुछ हद तक साफ हो गई है। यह तय हो गया है कि महायुति में भाजपा और महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस सबसे बड़े दल की तरह चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा का ज्यादा सीटों पर लड़ना पहले से तय था लेकिन अघाड़ी में अंत समय तक खींचतान चलती रही और आखिर में कांग्रेस को 102 सीटें मिलीं। दूसरी ओर भाजपा 148 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कई सीटों पर अब भी बहुकोणीय मुकाबला है। चार नवंबर को नाम वापसी के...

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