जनादेश से क्या नहीं खरीदा जा सकता?
सरकार की क्षमता और उसके अधिकार की वैधता दो अलग बातें हैं। पहला सवाल है कि सरकार क्या कर सकती है? दूसरा यह कि उसे क्या करने का अधिकार है, किन प्रक्रियाओं से और किसकी निगरानी में? चुनाव सरकार को शासन करने का जनादेश देता है। उन संस्थाओं पर मालिकाना हक नहीं देता जो तय करती हैं कि सरकार का आचरण कानूनसम्मत है या नहीं। भारत में सरकार जितनी तेजी से राजमार्ग बना सकती है, उतनी तेजी से किसी नागरिक का यह भरोसा नहीं लौटा सकती कि उसकी शिकायत सुनी जाएगी और उसके साथ न्याय होगा। यही अंतर भारतीय गणतंत्र...