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Manmohan Singh

  • मनमोहन ने मोदी सरकार पर निशाना साधा

    नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह भी पांच राज्यों में चल रहे चुनाव प्रचार में उतरे हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी करके अपने और कांग्रेस पार्टी की सरकारों के कामकाज के बारे में बताया है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला किया है। गौरतलब है कि उनके करीबी रहे और उनकी सरकार में मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ी है। उसके अगले दिन मनमोहन सिंह को प्रचार में लाया गया है। Manmohan singh modi government पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए...

  • पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा- सरकार में खुद हैं और दोषारोपण कांग्रेस और नेहरू पर…

    चंडीगढ़ | Manmohan Singh Punjab Election : देश के पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह ने आज एक वीडियो संदेश जारी करते हुए भाजपा पर जोरदार हमला किया. पूर्व पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले सात साल से अधिक समय से सत्ता में है, लेकिन लोगों की समस्याओं के लिए वह अब भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहरा रही है. उन्होंने मोदी सरकार को किसान आंदोलन, विदेश नीति, महंगाई और बेरोजगारी समेत कई मामलों में घेरा. श्री सिंह ने कहा कि...

  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वास्थ्य को लेरक PM Modi चिंतित, जल्द स्वस्थ होने के लिए की प्रार्थना

    नई दिल्ली | Manmohan Singh Health Update: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) को बुखार और स्वास्थ्य में कमजोरी के चलते मंगलवार को दिल्ली के एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद उनकी तबीयत को लेकर राजनीतिक जगत में हलचल हो गई है। राजनीतिज्ञ से लेकर कांग्रेस पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज उनके जल्द ठीक होने की कामना की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर मनमोहन सिंह के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हुए...

  • देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में कराया गया एडमिट

    नई दिल्ली | Manmohan Singh Health: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) की आज अचानक तबीयत बिगड़ गई है। जिसके बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में एडमिट कराया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व पीएम सिंह को दो दिन पहले बुखार आया था जिसके बाद आज चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि, 88 साल के मनमोहन सिंह डायबिटीज से भी पीड़ित है। चिकित्सकों के अनुसार, चिंता की कोई बात नहीं है। सिंह का स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। हो चुके हैं...

  • ई-कॉमर्स को नियंत्रित करें, खत्म नहीं

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • कर्तव्य-विमुखता के दो बरस पूरे होने पर

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • वित्त मंत्री के दावे और हकीकत

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • हिसाब बराबर करने की बेचैनी

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • राहुल को कमान संभालनी होगी!

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • कोरोना अपडेट : Rahul Gandhi आये कोरोना की चपेट में, पीएम Narendra Modi ने ट्वीट करके ये कहा

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • Corona Update : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हुए Corona Positive, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • मनमोहन ने मोदी को दी सलाह

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • आखिर कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष?

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पत्नी ने एम्स में लगवाया कोविड टीका

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • कर्ज संकट पैदा होगा: मनमोहनसिंह

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • कांग्रेस में बनी तीन नई समितियां

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • बिहार चुनाव : सोनिया, राहुल, मनमोहन, प्रियंका करेंगे चुनाव प्रचार

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • मोदी ने मनमोहन को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • राहुल कांग्रेस में अंदरूनी कलह से परेशान

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

  • कांग्रेस को अनेक भूल सुधार करने हैं

    मनमोहन सिंह ने बतौर वित्त मंत्री 1991 में जब अपना पहला बजट पेश किया था तब उन्होंने विक्टर ह्यूगो की बेहद चर्चित यह लाइन उद्धृत की थी कि ‘दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ गया हो’। मनमोहन सिंह ने इस लाइन के जरिए आर्थिक उदारीकरण के फैसलों का बचाव किया था और कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह विचार अपरिहार्य हो गया है। हालांकि ऐतिहासिक कारणों से अपरिहार्य हो चुके किसी विचार को अमल में लाने वाला राजनेता बहुत अहम नहीं रह जाता है। फिर भी देश में...

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