MNERGA

  • रोजगार गारंटी योजना का पटाक्षेप

    केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना यानी मनरेगा का सिर्फ नाम नहीं बदल रही है, बल्कि इस योजना को ही समाप्त कर कर रही है। 2005 में बने इस कानून को खत्म किया जा रहा है। उसकी जगह विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण यानी ‘वीबी, जी राम जी’ कानून लेगा। संसद के दोनों सदनों की मंजूरी के बाद अब राष्ट्रपति के दस्तखत होंगे और नया कानून अस्तित्व में आ जाएगा। इस विधेयक में साफ तौर पर कहा गया है कि यह नई योजना है और पुरानी योजना समाप्त की जा रही है। सरकार, भारतीय...

  • दस साल में 16.35 लाख करोड़ रू बट्टे खाते में

    केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार यानी मनरेगा को इसलिए बदल रही है क्योंकि सरकार का कहना है कि इसमें बहुत गड़बड़ी हो रही है। पश्चिम बंगाल के 19 जिलों की गड़बड़ी का हवाला दिया गया तो बाद में 23 राज्यों में कराए गए सर्वेक्षण का भी हवाला दिया गया। हालांकि करीब एक लाख करोड़ रुपए सालाना की इस योजना में दो फीसदी से भी कम यानी दो हजार करोड़ रुपए से भी कम की गड़बड़ी का आकलन है। फिर भी इस आधार पर सरकार इसे बदल कर इसको तकनीक के जाल में ऐसा उलझाना चाहती है कि योजना...