Narak Chaturdashi 2025

  • धर्मराज, मुक्ति और शक्ति का त्रिवेणी पर्व

    कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी एक ऐसा बहुआयामी पर्व है, जो कर्म के सिद्धांत (यमराज), न्याय की स्थापना (नरकासुर वध) और शक्ति के आह्वान (काली चौदस) के माध्यम से जीवन की नश्वरता और दिव्यता के बीच संतुलन सिखाता है। यम दीप से लेकर नरकासुर की पराजय तक हर अनुष्ठान यह संकल्प दोहराता है कि अंधकार कितना भी घना क्यों न हो, प्रकाश की विजय निश्चित है। 19 अक्टूबर यम चतुर्दशी पर विशेष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की तिथि भारतीय संस्कृति, परंपरा व अध्यात्म में न केवल एक अद्वितीय स्थान रखती है, बल्कि यह तिथि एक पर्व, प्रकाश, कर्म, न्याय...