नैरेटिव वॉर में कमजोर पड़ती भाजपा
भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत नैरेटिव स्थापित करने की रही है। वह किसी विषय पर या किसी नेता के ऊपर जो चाहती थी वह नैरेटिव स्थापित कर देती थी। सारी पार्टियां, सारा मीडिया और सोशल मीडिया उस पर चर्चा करता था। बौद्धिक मंचों पर भी उसके पक्ष या विपक्ष में चर्चा होती थी। लेकिन भाजपा की यह ताकत धीरे धीरे कम होती दिख रही है। पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव इसकी एक मिसाल है। भाजपा ने इतनी मेहनत की है, जितनी उसने किसी और राज्य में नहीं किया होगा। लेकिन उसके तय किए एजेंडे पर कहीं चर्चा नहीं...