Navratra 2026

  • नवरात्रः सात्विकता, आत्मशुद्धि का समय

    देवी भागवत पुराण और मार्कण्डेय पुराण के देवी महात्म्य में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है। मान्यता है कि चैत्र नवरात्र में देवी दुर्गा देवताओं की शक्तियों से प्रकट होकर महिषासुर से युद्ध करती हैं। इसी समय शक्ति का पूर्ण रूप प्रकट हुआ और प्रलय के बाद सृष्टि का पुनर्निर्माण हुआ। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाली चैत्र, यानी वासन्तीय नवरात्र, प्रकृति के नए जीवन, ऊर्जा के संचय और आत्मशुद्धि से जुड़ी एक प्राचीन परंपरा है। इसे वासन्तिक नवरात्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह वसंत ऋतु के बदलते समय में आता है। इस समय ऋतु...