लैंगिक समता की ओर

पहले ऐसा फैसला सेना के मामले में आया था, अब नौसेना के लिए आया है। दोनों जगहों पर महिलाओं का समानता के लिए लंबे समय जारी संघर्ष कामयाब हुआ है। ताजा निर्णय में कोर्ट ने नौसेना में पुरुष और महिला अधिकारियों के साथ समान व्यवहार किए जाने की बात पर जोर दिया। उसने महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन को मंजूरी दे दी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली एक पीठ ने कहा कि देश की सेवा करने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने से इनकार करने पर न्याय की हत्या होगी। गौरतलब है कि इन दोनों मामलों में केंद्र सरकार ने महिलाओं के खिलाफ रुख लिया था। उसने कई तर्क देते हुए महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का विरोध किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि नौसेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करने में लैंगिक भेदभाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा- ‘जब एक बार महिला अधिकारियों की भर्ती के लिए वैधानिक अवरोध हटा दिया गया, तो स्थायी कमीशन देने में पुरुष और महिलाओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।’ स्थायी कमीशन किसी अधिकारी को नौसेना में तब तक सेवा करने का अधिकार देता है, जब तक कि वह शॉर्ट सर्विस कमीशन… Continue reading लैंगिक समता की ओर

नियमों की अनदेखी कर अडानी को पनडुब्बी परियोजना देने की तैयारी : कांग्रेस

कांग्रेस ने आज सरकार पर आरोप लगाया कि वह नौसेना की अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों तथा रक्षा खरीद प्रक्रिया के नियमों की अनदेखी करते हुये

स्वदेशी तेजस उतरा आईएनएस विक्रमादित्य पर

नौसेना के लिए देश में ही बनाये गये हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने आज विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर सफलतापूर्वक उतरने के साथ

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