केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता
भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति को उसकी राजनीतिक ताकत और उस पार्टी के प्रति उसके समर्थन के अनुपात में जगह दी जाती है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि नए तरह की राजनीति करने वाले आम आदमी पार्टी के सुप्रीम अरविंद केजरीवाल इसका ध्यान नहीं रखते हैं। उनके लिए जातीय...