पश्चिम एशिया में कामयाब

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बारे में बाकी आकलन चाहे जो हो, इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि पश्चिम एशिया में उन्हें एक हद तक सफलता मिली है, हालांकि उसका वास्तविक असर क्या होगा, इस पर कई सवाल हैं।

कोरोना से लड़ने में मज़बूत नेतृत्व की बात हास्यास्पद: अभिजीत

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कोरोना से लड़ने के लिए मज़बूत नेतृत्व की बात को हास्यास्पद बताया

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कोरोना संक्रमित

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और फिनलैंड के पूर्व राष्ट्रपति मारत्ती अहतिसारी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

अभिजीत ने अर्थव्यवस्था टिप्पणी पर जवाब से काटी कन्नी

नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर की गई अपनी टिप्पणी पर मंगलवार को मीडिया के सवालों का जवाब देने से कन्नी काटी और कहा कि इन सवालोें के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पहले ही सचेत कर दिया है ।

भारतीयाें को अभिजीत के काम पर गर्व : राहुल

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के बारे में दिये गये बयान के बाद श्री बनर्जी के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि लाखों भारतीयों को उनके काम पर गर्व है।

इस बहस में नया क्या?

इस वर्ष के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से एक बार फिर गरीबी चर्चा के केंद्र में आई है। इसलिए कि जिन तीन लोगों को साझा तौर पर नोबेल कमेटी ने चुना, उन्हें वैश्विक गरीबी को दूर करने में प्रायोगिक रास्ता बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया है। लेकिन ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। बाकी को छोड़ दें और बात भारत पर ही केंद्रित रखें तो ऐसा ही 21 साल पहले अमर्त्य सेन को नोबेल पुरस्कार दिए जाने से हुआ था।

अभिजीत बनर्जी के सिद्धांत क्या लागू होंगे?

बहुत पहले कार्ल मार्क्स और जोसेफ पियरे प्रूदों के बीच दर्शन की निर्धनता और निर्धनता के दर्शन पर बहस हुई थी। प्रूदों ने मार्क्स के सिद्धांतों के बारे में लिखा था यह निर्धनता का दर्शन है। इसके जवाब में मार्क्स ने दर्शन की निर्धनता नाम से किताब लिखी।

गरीबों के लिए

इस बार अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार गरीबी और गरीबों को समर्पित है, यह बड़ी बात है। भारतीय मूल के एक अमेरिकी अर्थशास्त्री सहित जिन तीन अर्थशास्त्रियों को यह सम्मान मिला है, उनका काम दुनिया से गरीबी हटाने पर केंद्रित है।

बनर्जी समेत तीन को अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार

भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी को वर्ष 2019 का अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार दिया गया है।

ओल्गा तुकार्चुक को साहित्य नोबेल पुरस्कार

साहित्य में 2018 का नोबेल पुरस्कार पौलैंड की लेखिका ओल्गा तुकार्चुक को दिए जाने की घोषणा की गई है।

तीन वैज्ञानिकों को रसायन का नोबल

स्टाकहोम। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में 2019 का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जॉन वी गुडइनफ, ब्रिटेन के स्टैनली विटिंघम और जापान के अकीरा योशिनो को दिया जाएगा। तीनों वैज्ञानिकों को लीथियम आयन बैटरी के विकास में अहम भूमिका के लिए चुना गया है। इनके प्रयास से लीथियम आयन बैटरी की क्षमता दोगुनी हुई। अधिक उपयोगी होने से आज यह बैटरी मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में इस्तेमाल हो रही है। पुरस्कार जीतने वाले 97 साल के गुडइनफ यह पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज विजेता होंगे। उनसे पहले पिछले साल 96 साल के आर्थर अश्किन को नोबेल मिला था। पुरस्कार की घोषणा करने वाली जूरी ने कहा है- जॉन बी गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगघम और अकीरा योशिनो को इस साल के लिए रसायन का नोबेल पुरस्कार दिए जाने से काफी उत्साहित हूं। उन्होंने कहा- लीथियम आयन बैटरी ने पोर्टेबल डिवाइस के इतिहास में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। यह अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। रसायन के लिए यह पुरस्कार लंबे समय से दिया जा रहा है और इस क्षेत्र को अधिक पहचान मिलने से खुशी होती है। 1901 लेकर 2018 तक रसायन में कुल 110 पुरस्कार दिए गए। इनमें 181 लोगों को यह पुरस्कार दिया… Continue reading तीन वैज्ञानिकों को रसायन का नोबल

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