ग्राहक ने Barber Shop पर जाकर कहा कि उसे किम जोंग-उन का हेयरकट दे, फिर परिणाम देखकर सब हुए हैरान

उत्तर कोरिया के तानाशाह ने भी यह अनिवार्य कर दिया था कि पुरुष भी उन्हीं की तरह अपने बाल कटवाएं और अविवाहित महिलाएं देश में केवल छोटे बाल ही रखें।

अपनी जनता के लिए झुकने को तैयार तानाशाह, भूख से बेहाल जनता के लिए मांगी UN से सहायता

कोरोना काल में वैसे तो सभी देशो की हालत खराब हुई है। लेकिन यह कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित रहा है। किम जोंग उन के शासन में उसकी जनता दाने-दाने के लिए तरस रही है। उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र को भेजी स्वैच्छिक रिपोर्ट में जानकारी दी है कि 2018 में देश का खाद्य उत्पादन सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। जिसकी मुख्य वजह प्राकृतिक आपदा और अपर्याप्त कृषि सामग्री को बताया गया है। ( Hunger crisis in North Korea )  हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया है कि किम जोने उन के देश में केले 3000रूपये प्रति किलो के भाव से मिल रहे है। संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण कोरिया के मिशन ने बुधवार को रिपोर्ट की सूचना दी। यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने खाने की कमी को सार्वजनिक किया है। उत्तर कोरिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उनके पास खेती के लिए निचले स्तर वाली मशीने हैं, जिससे वे पर्याप्त अनाज नहीं उगा पा रहे। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना काल में उत्तरी कोरिया की हालत सबसे खराब हो गई है। also read: भारत में बढ़ती जनसंख्या पर चल रही है बहस… Continue reading अपनी जनता के लिए झुकने को तैयार तानाशाह, भूख से बेहाल जनता के लिए मांगी UN से सहायता

चीन के साथ सीमा साझा करने वाले देश North Coria ने किया दावा-अब तक नहीं मिला एक भी Corona Positive

नई दिल्ली |  कोरोना के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. हालात ये हैं कि अमेरिका जैसा शक्तिशाली और संपन्न देश  भी इस महामारी से उबरने की कोशिश में है और उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में एक बार फिर से उत्तर कोरिया ( North Korea Corona Positive ) ने चौकाने वाला दावा किया है. उत्तरी कोरियों की ओर से  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को बताया गया है कि 10 जून तक 30,000 से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट कराने के बाद भी अब तक एक भी कोरोना के केस उनके देश में नहीं मिला है. हालांकि इस बयान पर दुनियाभर के विशेषज्ञों को भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि ऐसा हो ही नहीं सकता की जिस बीमारी से दुनियाभर में हड़कंप मच गया है उसका एक भी मरीज उत्तरी कोरिया में ना मिले. ऐसा मानने के पीछे का कारण भी स्पष्ट है. उत्तरी कोरियों की सीमाएं चीन के साथ लगी हुई है इसके साथ ही यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था भी उतनी अच्छी नहीं है ऐसे में ये दावा विशेषज्ञो को खोखला ही नदर आता है. पर्यटन प्रतिबंधित करने का साथ ही राजनयिकों को भी बाहर किया कोरोना के खिलाफ जंग को उत्तरी कोरिया ने… Continue reading चीन के साथ सीमा साझा करने वाले देश North Coria ने किया दावा-अब तक नहीं मिला एक भी Corona Positive

ऐसा क्या हुआ कि उत्तरी कोरिया के लोग कब्र में से मांस निकालकर खाने लगे..

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन एक बार फिर चर्चाओं में बने हुए है। कोरोना काल में दुनिया के सभी देशों की इकॉनॉमी प्रभावित हुई है। लेकिन यह कहा जा सकता है कि सबसे ज्यादा उत्तरी कोरिया की हुई है। किम जोंग उन व्यापार के लिए किसी देश पर निर्भर नहीं रहता है। किम जोंग उन का अधिकतर व्यापार चीन से होता है। कोरोना संक्रमण के भय से कोरियाई शासक ने अपनी सीमा को लॉक कर दिया था जिस कारण चीन से भी व्यापार संभव नहीं हो सका। इस कारण उत्तरी कोरिया का बिजनेस पूरी तरह से ठप हो गया। खबर सुनने को मिल रही है कि किम जोंग के देश में खाने-पीने की सामग्री कम हो रही है इस कारण तानाशाह मे अपनी जनता को चेतावनी दी है। खाद्य सामग्री के दाम आसमान छूने की खबर मिल रही है। इससे पहले भी उत्तर कोरिया में भुखमरी ( north corea starvation ) की स्थित आई थी। तब कई जगहों से कोरियाई लोगों के इंसानी मांस खाने की खबरें भी आई थीं। उत्तर कोरिया के हालात ऐसे है वहां के शासक किम जोंग उन ने खुद देश में आए खाने के सामान पर संकट की बात की थी।  इस बारे… Continue reading ऐसा क्या हुआ कि उत्तरी कोरिया के लोग कब्र में से मांस निकालकर खाने लगे..

North Korea में केले की कीमत हुई ₹3000 प्रति किलो..आखिर क्यों

प्योंगयांग |  कोरोना काल में दुनिया के सभी देशों की हालत खराब हुई है। कोरोना के कारण सभी देशों की हालत आर्थिक स्थिति खराब हुई है। दुनिया से अलग-थलग पड़े परमाणु वाले उत्तर कोरिया में भी कोरोना के कारण से मंहगाई पैदा हो गई है। मंहगाई आसमान छू रही है। उत्तर कोरिया में भोजन का गंभीर संकट पैदा हो गया है। हालत इतने खराब हो गये हैं कि लाखों लोगों को पिछले कुछ दिनों में खाना भी नसीब नहीं हुआ है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने पहली बार औपचारिक तौर पर इसे स्वीकार किया है कि उनका देश खाने की भारी कमी से जूझ रहा है। 3000 रुपये किलो बिक रहा केला किम जोंग उन ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में कहा कि लोगों के खाने की स्थिति अब तनावपूर्ण होती जा रही है। कृषि क्षेत्र अनाज की पैदावार के लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका है, क्योंकि पिछले साल आए तूफानों की वजह से बाढ़ आ गई।  मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसी कमी के कारण वहां अनाज के दाम आसमान छूने लगे हैं। उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी एनके न्यूज के मुताबिक, देश में केला तीन हजार रुपये प्रति किलो में बिक रहा… Continue reading North Korea में केले की कीमत हुई ₹3000 प्रति किलो..आखिर क्यों

एक नया परमाणु खतरा

आज की दुनिया में परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे लक्ष्य चर्चा से बाहर हो गए हैं। फिलहाल दौर अपनी ताकत के प्रदर्शन का है। इससे दुनिया पर खतरा बढ़ा है।

किम ने परमाणु ताकत बढ़ाने पर चर्चा के लिए की बैठक

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें देश के परमाणु शस्त्रागार को और मजबूत करने तथा सामरिक सशस्त्र बलों को सतर्क करने पर चर्चा की गई।

20 दिन से नजर नहीं आए किम जोंग-उन

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन अपने स्वास्थ्य को लेकर जारी अटकलों के बीच लगातार 20वें दिन भी लोगों की नजर से बाहर हैं।

किम जोंग उन जीवित और ठीक हैं: दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के विदेश नीति सलाहकार मून चुंग-इन ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर लगायी जा रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वह ‘जीवित और ठीक’ हैं।

उत्तर कोरिया ने संदिग्ध क्रूज मिसाइलें दागी : सियोल

सियोल। उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर कई संदिग्ध क्रूज मिसाइलें दागी। दक्षिण कोरिया की सेना ने यह जानकारी दी।ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में कहा कि देश के पूर्वी हिस्से से मुनचोन से ‘‘कई प्रक्षेपास्त्र’’ दागे गए जो “कम दूरी की क्रूज मिसाइलें” मालूम हो रही हैं। इस परीक्षण से एक दिन पहले परमाणु संपन्न उत्तर कोरिया ने मौजूदा नेता किम जोंग उन के दादा और देश के संस्थापक किम द्वितीय सुंग की 108वीं वर्षगांठ मनाई थी। इसके अलावा एक दिन पहले ही दक्षिण कोरिया में संसदीय चुनाव हुए थे और विश्व का ध्यान मुख्यत: कोरोना वायरस वैश्विक महामारी पर केंद्रित है जिसके बारे में प्योंगयांग का कहना है कि वह अब तक इससे बचा हुआ है। हाल के कुछ वर्षों में उत्तर कोरिया ने कई बार बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है पृथ्वी से काफी ऊंचे उठकर अक्सर अंतरिक्ष तक जाती हैं और उसके बाद गुरूत्वाकर्षण शक्ति के चलते बहुत तेज गति से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती हैं। इसके शस्त्र भंडार में आईसीबीएम (अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें) शामिल हैं जो पूरे अमेरिकी भूभाग तक पहुंचने में सक्षम हैं। वहीं इसके उलट क्रूज मिसाइलें सतह से कुछ ही मीटर ऊपर तक जाती हैं जिनका पता लगाना मुश्किल… Continue reading उत्तर कोरिया ने संदिग्ध क्रूज मिसाइलें दागी : सियोल

उत्तर कोरिया ने समुद्र में दागी मिसाइलें

उत्तर कोरिया ने रविवार को समुद्र में दो संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। दक्षिण कोरिया ने यह जानकारी देते हुए इसे ऐसे समय में ‘‘काफी अनुचित’’ बताया जब दुनिया कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रही है।

उत्तर कोरिया ने दागी दो अज्ञात मिसाइल : सियोल

सियोल। उत्तर कोरिया ने सोमवार को पूर्वी सागर में छोटी दूरी की दो अज्ञात मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) दागीं। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि उत्तर कोरिया की ओर से इस साल की शुरुआत में ‘नए रणनीतिक हथियार’ की चेतावनी के बाद इस तरह का यह पहला प्रक्षेपण रहा। समाचार एजेंसी योनहाप ने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के हवाले से कहा कि मिसाइल को इसके पूर्वी तट के शहर वॉनसन के पास के इलाकों से दोपहर 12.37 बजे (स्थानीय समयानुसार) छोड़ा गया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों प्रोजेक्टाइल ने लगभग 240 किलोमीटर की उड़ान भरी, जो लगभग 35 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंच गई। उत्तर कोरिया ने 28 फरवरी को अपने लीडर किम जोंग-उन की देखरेख में सैन्य ड्रिल का मंचन किया था, इसी का हवाला देते हुए जेसीएस ने कहा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया अपनी संयुक्त स्ट्राइक ड्रिल जारी रखे हुए है। तानाशाह किम ने सोमवार के लॉन्च का निरीक्षण किया या नहीं इस बात का पता तुरंत नहीं चल पाया है। समाचार एजेंसी योनहाप ने कहा कि 28 नवंबर 2019 के बाद से कम्युनिस्ट देश द्वारा किया गया यह पहला लॉन्च है। पिछले साल अमेरिका के साथ रुकी… Continue reading उत्तर कोरिया ने दागी दो अज्ञात मिसाइल : सियोल

उत्तर कोरिया ने मिसाइल दागी : दक्षिण कोरिया सेना

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने कम से कम एक मिसाइल दागी।

अमेरिकी दूत ने उत्तर कोरिया से वार्ता की पेशकश की

सियोल। उत्तर कोरिया के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीफन बिगन ने सोमवार को अपने प्योंगयांग समकक्ष के साथ वार्ता की पेशकश की, जिसमें कहा गया कि वाशिंगटन ने कम्युनिस्ट शासन के साथ परमाणु वार्ता पर कोई समय सीमा निर्धारित नहीं कर रखा है। सुत्रों के मुताबिक, तनावपूर्ण हालात के बीच रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर सियोल पहुंचे बिगन ने इस पर भी जोर दिया कि वाशिंगटन हार नहीं मानेगा, क्योंकि उत्तर कोरिया धमकी दे रहा है कि अगर अमेरिका वर्ष के अंत तक के लिए निर्धारित समय सीमा को लेकर रियायत नहीं देता है तो वह नया रास्ता तलाशेगा। अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष ली डो-हून के साथ मुलाकात के बाद, बिगन ने कहा, सालभर से चल रहा है और हमने लगभग उतनी प्रगति नहीं की है जितनी हमने उम्मीद की थी। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे। उन्होंने आगे कहा, “मैं इस बात को पूरी तरह से स्पष्ट कर दूं कि अमेरिका ने कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की है। सिंगापुर में ऐतिहासिक शिखर बैठक के दौरान दोनों नेताओं की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का हमारा लक्ष्य है। वह जून 2018 में सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के बीच पहले शिखर… Continue reading अमेरिकी दूत ने उत्तर कोरिया से वार्ता की पेशकश की

सियोल दौरे पर जाएंगे अमेरिकी दूत

सियोल। उत्तर कोरिया के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीफन बीगन रविवार को दक्षिण कोरिया पहुंचेंगे, विदेश मंत्रालय ने यहां यह जानकारी दी। बिगन की यह यात्रा परमाणु वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए लचीलापन दिखाने को लेकर प्योंगयांग के लिए निर्धारित साल की अंतिम समय सीमा से महज कुछ हफ्ते पहले हो रही है। समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, रविवार से शुरू होने वाली उनकी तीन दिवसीय यात्रा पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया द्वारा किए रॉकेट इंजन परीक्षण के मद्देनजर बढ़ रहे तनाव और अमेरिका की चेतावनी के बीच हो रही है। बिगन की योजनाबद्ध यात्रा को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह उत्तर कोरियाई लोगों के साथ संभावित संपर्क के लिए अंतर-कोरियाई सीमा गांव पनमुंजोम का दौरा कर सकते हैं। एक बयान में कहा गया कि आगमन के एक दिन बाद, बिगन अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष ली डो-हून से चर्चा करेंगे कि कैसे उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के लिए गति बनाए रखी जाए और कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण और स्थायी शांति को बढ़ावा देने के लिए कैसे संयुक्त प्रयासों में प्रगति करें। इसे भी पढ़ें : भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास आज से शुरू चिंताएं इस बात को लेकर बनी हुई हैं कि उत्तर कोरिया वार्ता… Continue reading सियोल दौरे पर जाएंगे अमेरिकी दूत

और लोड करें