norway journalist

  • सवाल था, जवाब देते!

    अगर हकीकत यह नहीं होती कि मोदी प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते, या प्रश्न पहले से तय किए बिना इंटरव्यू नहीं देते, तो नॉर्वे की घटना को कोई तव्वजो नहीं देता। ना ही स्वेंडसन भारत में इतनी बहुचर्चित हो जातीं। साधारण-सा सवाल था और वो भी यह कि आप कुछ सवालों के जवाब क्यों नहीं देते? नरेंद्र मोदी चाहते तो उसी समय नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग स्वेंडसन के प्रश्नों का उत्तर दे सकते थे। संभवतः इस तर्क पर कि सवाल- जवाब का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं था, मोदी पत्रकार को नजरअंदाज कर आगे बढ़ गए। सामान्य स्थिति में यह कोई...