‘ऑब्सेशन’: थिएटर के अंधेरे में लौटी रोशनी
‘ऑब्सेशन’ कहती है कि यदि कहानी में दम हो, तो करोड़ों डॉलर के सेट, विशाल वीएफएक्स और सुपरस्टार हमेशा जरूरी नहीं होते। सिनेमा का मूल तत्व आज भी वही है, एक अच्छी कहानी, कुछ विश्वसनीय पात्र और दर्शक के मन को छू लेने वाली भावनाएं। सिने सोहबत आज के सिने-सोहबत में हाल ही में थिएटर में रिलीज़ हुई हॉलीवुड फ़िल्म 'ऑब्सेशन' पर चर्चा करते हैं। सिनेमा के इतिहास में समय-समय पर कुछ ऐसी फ़िल्में आती हैं जो केवल सफल नहीं होतीं, बल्कि पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री को आईना दिखाती हैं। वे यह याद दिलाती हैं कि आखिर दर्शक सिनेमाघर तक क्यों...