विपक्ष अपनी नकारात्मक भूमिका छोड़े
संसद का शीतकालीन सत्र एक महीने चला और चार हफ्ते की कार्यवाही के दौरान कोई विधायी कार्य संपूर्ण नहीं हुआ। सरकार ने चार विधेयक जरूर प्रस्तुत किए परंतु एक भी विधेयक दोनों सदनों से स्वीकार होकर कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा गया। विपक्षी पार्टियों ने हर किस्म की नकारात्मकता दिखाई। एक अनावश्यक मुद्दे पर संसद को ठप्प किया। उसके बाद उप राष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। देश के नागरिकों ने क्या विपक्ष का चुनाव उसी काम के लिए किया है, जो विपक्षी पार्टियों ने संसद के शीतकालीन...