parliament winter session

  • विपक्ष अपनी नकारात्मक भूमिका छोड़े

    संसद का शीतकालीन सत्र एक महीने चला और चार हफ्ते की कार्यवाही के दौरान कोई विधायी कार्य संपूर्ण नहीं हुआ। सरकार ने चार विधेयक जरूर प्रस्तुत किए परंतु एक भी विधेयक दोनों सदनों से स्वीकार होकर कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास नहीं भेजा गया। विपक्षी पार्टियों ने हर किस्म की नकारात्मकता दिखाई। एक अनावश्यक मुद्दे पर संसद को ठप्प किया। उसके बाद उप राष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। देश के नागरिकों ने क्या विपक्ष का चुनाव उसी काम के लिए किया है, जो विपक्षी पार्टियों ने संसद के शीतकालीन...

  • जैसा मोदी राज वैसी ही संसद!

     Parliament Winter Session: यथा राजा तथा प्रजा, हम हिंदुओं का शाश्वत सूत्र वाक्य है। तभी जैसा मोदी राज वैसे ही संसद, संविधान, कोर्ट-कचहरी, विपक्ष, मीडिया आदि उन तमाम संस्थाओं का आज व्यवहार है, जिससे देश, कौम, नस्ल, धर्म, सभ्यता की वह शर्म है जो आजाद भारत के इतिहास में बतौर कलंक निश्चित ही दर्ज रहेगी। कोई मैच ही नहीं है जवाहरलाल नेहरू राज से मोरारजी, देवगौड़ा, वाजपेयी, मनमोहन सिंह राज की संसद से मोदी राज की संसद से! ईमानदारी से सोचें, सन् 2014 में निर्वाचित संसद के काम से लेकर इस सप्ताह की संसदीय घटनाक्रम में ऐसा तनिक भी कुछ...

  • जो सावरकर, हेडगेवार, गोलवलकर के नहीं हुए वे क्या अंबेडकर के होंगे?

    इस सप्ताह नीतीश कुमार को भारत रत्न देने का कयास सुना तो वही उद्धव ठाकरे ने सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की। जबकि सरकार ने सर्वत्र अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर का कीर्तन बनाया हुआ है। तो क्यों नहीं मोदी सरकार अपने दिल में बसे डॉ. भीमराव अंबेडकर को दिखाने के लिए इस जनवरी उनके पोते प्रकाश अंबेडकर को भारत रत्न से नवाज देती है? हालांकि कांशीराम, मायावती भी दलितों के आईकॉन हैं! Parliament winter session हां, मोदी-शाह राज में सब मुमकिन है। आखिर यथा राजा तथा प्रजा के सत्य में टके सेर भाजी टके सेर खाजा भी तो हम...

  • भाजपा का जवाब उसी के हथियार से

    कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां भाजपा से निपटने के लिए उसी के हथियार आजमा रही है। अब तक भाजपा इन्फॉर्मेशन, मिसइन्फॉर्मेशन और डिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन के जरिए राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं का शिकार करती थी। याद करें कैसे आलू से सोना बनाने वाली बात का राहुल गांधी के खिलाफ इस्तेमाल हुआ। राहुल गांधी ने असल में कहा था कि ‘मोदीजी आएंगे तो कहेंगे कि इधर से आलू डालो उधर से सोना निकलेगा’। लेकिन इसका आधा हिस्सा काट दिया गया और प्रचारित किया गया कि राहुल गांधी आलू से सोना बनाने की बात कर रहे हैं। आजतक इसके लिए राहुल...

  • आसन पर कोतवाल को बैठा दें

    विपक्ष के सांसद आरोप लगाते हैं कि पीठासीन अधिकारी हेडमास्टर की तरह सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं। विपक्ष के सांसदों के भाषण के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों से ज्यादा पीठासीन अधिकारी टोकाटाकी करते हैं। इसके बावजूद 19 दिसंबर 2024 से पहले तक संसद और सांसदों के विवाद पीठासीन अधिकारी ही निपटाते थे। किसी भी मुद्दे पर लोकसभा स्पीकर या राज्यसभा के सभापति पक्ष और विपक्ष को बुला कर रास्ता निकालने की कोशिश करते थे। Parliament winter session ऐसी ही कोशिश के तहत शीतकालीन सत्र में संविधान पर चर्चा की सहमति बनी थी और दोनों सदनों में दो...

  • कोतवाल कड़क होना चाहिए!

    Parliament winter session समाप्त हो गया है लेकिन उसकी गर्मी अभी बची रहेगी। अब संसद की नई इमारत पुलिस के हवाले होगी। सोचें, गुलामी की कथित भावना से मुक्ति के लिए अंग्रेजों की बनाई संसद के सामने एक नई इमारत बनी और एक साल में दूसरी बार ऐसा हुआ कि संसद का मामला सुलझाने के लिए पुलिस का सहारा लिया गया। पिछले साल दिसंबर में ही कुछ लोग संसद में धुआं फैलाने वाली चीजें लेकर पहुंच गए थे और वे सदन में कूद गए थे। उसकी जांच के लिए भी संसद भवन में पुलिस बुलानी पड़ी थी और अब सांसदों...

  • कांग्रेस को पंचर तृणमूल, सपा को क्या मिला?

    Parliament winter session:  संसद का शीतकालीन सत्र कई मायने में बहुत दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम वाला रहा है। इस सत्र में जो विधायी कामकाज हुए या दोनों सदनों में संविधान पर जो चर्चा हुई वह अपनी जगह है लेकिन जो राजनीति हुई वह ज्यादा दिलचस्प रही। यह पहली बार हुआ कि पूरे सत्र में कांग्रेस सत्ता पक्ष के साथ साथ विपक्ष की पार्टियों के निशाने पर भी रही। कांग्रेस को अलग थलग करने का प्रयास भाजपा की ओर से हो रहा था तो साथ साथ विपक्षी गठबंधन की पार्टियों की ओर से भी हो रहा था। यह प्रयास इतना व्यवस्थित था...

  • विपक्ष के नोटिस का कोई मतलब नहीं

    ऐसा लग रहा है कि विपक्षी पार्टियों को बहुत जोर से तलब लगी थी कि उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करें, इसलिए प्रस्ताव पेश कर दिया। पिछले सत्र में भी विपक्ष ने प्रयास किया था। दस्तखत वगैरह जुटा लिए गए थे लेकिन प्रस्ताव पेश नहीं किया गया। इस बार राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी के जरिए प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। परंतु विपक्षी पार्टियों को भी पता है कि इसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि सभापति के खिलाफ नोटिस देने के बाद उस पर कोई भी चर्चा या कार्रवाई 14 दिन...

  • गतिरोध का हल नहीं?

    Parliament winter session: विपक्ष ने राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का एलान किया है। संख्या बल विपक्ष के साथ नहीं है, यह जानते हुए भी विपक्ष ने इसकी तैयारी है, तो स्पष्टतः इसके जरिए वह एक खास राजनीतिक संदेश देना चाहता है। also read: नेता विपक्ष ‘गद्दार’ और अमेरिका दुश्मन! संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खाई इतनी चौड़ी हो गई है कि उसके किसी समाधान की गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आती। पीठासीन अधिकारियों के व्यवहार और उनकी मंशा को लेकर भी विपक्ष के मन में संदेह गहरा गया है। इसलिए उनकी मध्यस्थता से भी...

  • अचानक क्यों आक्रामक हुई भाजपा?

    भारतीय जनता पार्टी संसद में अचानक क्यों इतनी आक्रामक हो गई है? उसने क्यों सोनिया और राहुल गांधी से जुड़े ऐसे मामले उठाए हैं, जो पुराने पड़ गए हैं और जिनको पार्टी ने पहले उठा कर छोड़ दिया? सोनिया और राहुल गांधी को देशविरोधी या गद्दार ठहराने के अभियान की टाइमिंग भी बहुत अहम है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि जो बातें अभी तक व्हाट्सऐप में चलती थी और जिन बातों के सहारे सोनिया और राहुल गांधी या पूरे नेहरू गांधी परिवार को बदनाम किया जाता था क्या वो बातें अब संसद में उठेंगी और उन पर चर्चा...

  • ‘एक देश, एक चुनाव’ का बिल आएगा!

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में ही केंद्र सरकार ‘one nation one election’ का विधेयक पेश कर सकती है। शीतकालीन सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे गतिरोध के बीच सरकार यह अहम बिल लाना चाह रही है। गौरतलब है कि इस सत्र में लगातार गतिरोध बना हुआ है और विपक्षी पार्टियां अडानी के मसले पर चर्चा की मांग कर रही हैं और सदन के अंदर व बाहर प्रदर्शन कर रही हैं। फिर भी जानकार सूत्रों का कहना है कि लोकसभा और सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का विधेयक इसी सत्र में आ सकता...

  • क्या संसद में विपक्ष विभाजित हो जाएगा?

    Parliament winter session बिल्कुल मध्य में है। सत्र के पहले दो हफ्ते में कोई खास कामकाज नहीं हुआ है क्योंकि कांग्रेस और उसके साथ विपक्षी गठबंधन की ज्यादातर पार्टियों ने अडानी के मसले पर चर्चा और जेपीसी जांच की मांग करके दोनों सदनों की कार्यवाही को बाधित किया है। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलना है। इस लिहाज से आखिरी दो हफ्ते बहुत अहम हैं। इसमें दोनों सदनों में संविधान पर चर्चा होनी है। दोनों में दो दो दिन चर्चा होगी और उसके लिए तारीख तय कर दी गई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने यह भी कह दिया है...

  • अडानी मसले पर विपक्ष का प्रदर्शन

    नई दिल्ली। संसद को सुचारू रूप से चलाने की सहमति के बावजूद कांग्रेस पार्टी अडानी का मुद्दा छोड़ने को तैयार नहीं है। कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की कुछ अन्य पार्टियों के सांसदों ने मंगलवार को संसद के बाहर अडानी के मसले पर प्रदर्शन किया। हालांकि इस प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल नहीं हुए। गौरतलब है कि तृणमूल ने पहले ही कह दिया था कि वह अडानी के मसले पर संसद ठप्प करने के पक्ष में नहीं है। अब सपा ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। सपा ने संभल का मुद्दा उठाया और संसद के...

  • कांग्रेस का छद्म संविधान प्रेम

    संसद के शीतकालीन सत्र में कई अहम विधेयक पारित कराने की योजना है लेकिन सत्र का पहला सप्ताह विपक्षी पार्टियों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक, 2024 पास होना है। इसके जरिए सरकार यह प्रावधान करने जा रही है कि खाताधारक नॉमिनी की संख्या बढ़ा सकते हैं। रेलवे संशोधन विधेयक, 2024 भी इस सत्र में पास होना है, जिसके जरिए रेलवे की संचालन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकार बढ़ाने का प्रावधान है। अभी संविधान दिवस बीता है। 26 नवंबर 2024 को संविधान अंगीकार करने के 75 साल पूरे...

  • संभल की सर्वे रिपोर्ट नहीं खुलेगी

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिया। शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट नहीं खुलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने संभल की अदालत से कहा कि आठ जनवरी तक केस में कोई कदम नहीं उठाया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि शांति जरूरी है। गौरतलब है कि गुरुवार को संभल की शाही जामा मस्जिद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें मस्जिद के सर्वे के आदेश को चुनौती दी गई थी। Sambhal survey report इस...

  • शीत सत्र के पहले हफ्ते में संसद ठप्प रही

    नई दिल्ली। parliament winter session का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ गया। पहले हफ्ते में एक दिन संविधान दिवस का विशेष कार्यक्रम हुआ और बाकी चार दिन में सिर्फ 40 मिनट कार्यवाही चली। हर दिन दोनों सदनों में औसतन 10-10 मिनट कार्यवाही हुई। विपक्ष के सांसद अडानी पर अमेरिकी अदालत में लगे आरोपों की जांच, मणिपुर की जातीय हिंसा और संभल का मुद्दा उठा कर हंगामा करते रहे और सरकार ने भी संसद चलाने की कोई इच्छा नहीं दिखाई। तभी हर दिन 10 मिनट के अंदर दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित हुई। पहले हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को...

  • कई विपक्षी पार्टियां संसद चलाना चाहती हैं

    कई विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि Parliament winter session सत्र सुचारू रूप से चले। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने खुल कर कहा है कि वह सत्र में हंगामे की बजाय इसे चलाने के पक्ष में है, जबकि दूसरी और कई पार्टियों ने खुल कर यह बात नहीं कही है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सिर्फ अडानी का मसला नहीं है, बल्कि कई और मसले हैं, जो सीधे जनता से जुड़े हैं। उन मसलों पर तभी चर्चा होगी, जब संसद चलेगी। तृणमूल कांग्रेस ने छह मुद्दों का एक एजेंडा सेट तैयार किया है।...

  • अडानी पर ठप्प रही संसद

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी अडानी के मसले पर ठप्प रही। बुधवार को दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हुआ। लोकसभा तो सिर्फ पांच मिनट चली। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने अडानी मसले पर चर्चा की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया। पांच मिनट में ही कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा जब कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा, जिसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही 28 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्षी पार्टियां अडानी मसले पर चर्चा...

  • फिर विपक्ष को क्या करना चाहिए?

    PM Modi Opposition Parties: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी के नेता अक्सर ऐसा कहते रहते हैं कि जिन लोगों को जनता ने ठुकरा दिया या जिनको जनता ने हरा दिया वे ऐसा कर रहे हैं या वैसा कर रहे हैं। सवाल है कि जिनको जनता ने हरा दिया या ठुकरा दिया यानी जिनको विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया, उनको क्या करना चाहिए? उनको चुपचाप विपक्ष में बैठना चाहिए और यह मान कर काम करना चाहिए कि जिन लोगों ने जनता ने जिताया है या जिनकी सरकार बनवाई है उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहिए? प्रधानमंत्री मोदी ने संसद...

  • पहले दिन संसद नहीं चली

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोमवार को दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी पर अमेरिका में लगे घूसखोरी और फ्रॉड के मामले पर चर्चा की मांग की। इसके लिए सरकार तैयार नहीं हुई तो हंगामा शुरू हो गया। राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बहस भी हुई। इसके बाद दोनों सदन 27 नवंबर तक स्थगित हो गए। गौरतलब है कि 26 नवंबर को संविधान अंगीकार किए जाने के 75 साल पूरे होने...

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