Passport

  • पासपोर्ट पर अनावश्यक विवाद !

    अंतरराष्ट्रीय रूप से, पासपोर्ट राष्ट्रीयता का प्रतीक है, लेकिन यदि किसी की नागरिकता पर विवाद हो (जैसे आप्रवासन, आतंकवाद या दोहरी नागरिकता के मामले में), तो कोर्ट या सक्षम प्राधिकरण मूल दस्तावेजों: जन्म प्रमाण-पत्र, माता-पिता के दस्तावेज, प्राकृतिककरण प्रमाण आदि, की जांच करते हैं। भारत में यह स्थिति नई नहीं है; बॉम्बे हाईकोर्ट (2013) और सुप्रीम कोर्ट ने भी यही रुख अपनाया है कि पासपोर्ट अकेला निर्णायक साक्ष्य नहीं है। 24 जून 2026 को पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि...

  • पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट कभी भी भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इसे लेकर पिछले 12 वर्षों में कोई नई नीति या फैसला नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय के हालिया स्पष्टीकरण को नए निर्णय के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यह पहले से स्पष्ट है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं। सूत्रों के अनुसार, कानून में कुछ परिस्थितियों में गैर नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी किए जाने का प्रावधान...