सोना तस्करी मामला : एम शिवशंकर से नौ घंटे तक पूछताछ

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बर्खास्त किए गए प्रधान सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर से सीमा शुल्क अधिकारियों ने सोना तस्करी मामले में बुधवार सुबह तक करीब नौ घंटे तक पूछताछ की।

केरल में विजयन सबसे अहंकारी मुख्यमंत्री : कांग्रेस

कांग्रेस के लोकसभा सदस्य के. मुरलीधरन ने आज मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को केरल का अब तक का ‘सबसे घमंडी मुख्यमंत्री’ कहा है।

केरल मंत्रिमंडल ने एनपीआर, एनआरसी लागू नहीं करने को दी मंजूरी

तिरुवनंतपुरम। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ अपना रुख सख्त करते हुए केरल मंत्रिमंडल ने सोमवार को विशेष बैठक करने के बाद जनगणना आयुक्त को यह सूचित करने का निर्णय ले लिया है कि जनगणना के दौरान राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू नहीं होगा। राज्य के स्थानीय प्रशासन मंत्री ए.सी. मोइदीन ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मोइदीन ने मीडिया से कहा इसका निर्णय ले लिया गया है और जनगणना निदेशालय को बता दिया जाएगा कि एनपीआर की तैयारी के लिए कुछ विशेष प्रश्नों को यहां शामिल नहीं किया जाएगा। पंजाब के बाद केरल देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां एनपीआर की तैयारी के लिए कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और इसके साथ ही यहां राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) भी नहीं होगा। विजयन मंत्रिमंडल ने मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केंद्रीय समिति की रविवार को हुई बैठक के निर्णय का पालन करने का फैसला किया। बैठक में तय हुआ कि राज्य में जनगणना कार्यक्रम आगे बढ़ सकता है, लेकिन लोगों से एनपीआर से संबंधित प्रश्नों के उत्तर नहीं देने का आवाह्न किया गया। राज्य विधानसभा… Continue reading केरल मंत्रिमंडल ने एनपीआर, एनआरसी लागू नहीं करने को दी मंजूरी

विजयन ने राहुल गांधी का पत्र अपने ट्विटर पेज पर किया पोस्ट, कांग्रेस हमलावर

तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने केरल लोका सभा (केएलबी) को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा लिखे पत्र को टैग करते हुए अपने ट्विटर पेज पर पोस्ट किया, जिससे कांग्रेस मुख्यमंत्री पर हमलावर है। विजयन ने राहुल गांधी के लिखे पत्र को सार्वजनिक कर दिया जिसमें उन्होंने ‘लोका केरल सभा’ के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी थी। ‘लोका केरल सभा’ प्रवासियों की एक बैठक है। राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष केएलएस का बहिष्कार कर रहा है। विजयन ने पत्र का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, ‘‘अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि ‘‘लोका केरल सभा’’ प्रवासियों से संपर्क का एक बड़ा मंच है और उन्होंने उनके योगदान को स्वीकारा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के सी वेणुगोपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला विजयन के विरोध में उतर आए और कहा कि वह राहुल गांधी के पत्र के जरिए विवाद पैदा करना चाहते हैं जो महज एक शिष्टाचार था। राहुल केरल में वायनाड से सांसद हैं। चेन्नीतला ने कहा कि राहुल ने यह पत्र 12 दिसंबर को भेजा था जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने 20 दिसंबर को केएलबी से दूर रहने का फैसला किया था।… Continue reading विजयन ने राहुल गांधी का पत्र अपने ट्विटर पेज पर किया पोस्ट, कांग्रेस हमलावर

नागरिकताः केरल में बगावत

केरल विधानसभा ने आज वह काम कर दिया है, जो आज तक देश की किसी विधानसभा ने नहीं किया। मेरी जानकारी में ऐसा कोई तथ्य नहीं है कि केंद्र सरकार और संसद ने स्पष्ट बहुमत से कोई कानून पारित किया हो और उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भी हो गए हों, इसके बावजूद किसी राज्य की विधानसभा ने लगभग सर्वानुमति से उस कानून को लागू नहीं करने का फैसला किया हो। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पूरी विधानसभा ने वोट दिया और पक्ष में भाजपा के अकेले विधायक ने। इसी कानून के खिलाफ सत्तारुढ़ मार्क्सवादी पार्टी और उसकी विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने जब मिला-जुला विरोध प्रदर्शन किया तो केरल के कई कांग्रेसी नेताओं को लगा कि कम्युनिस्टों के साथ किसी भी मुद्दे पर हाथ मिलाना ठीक नहीं है। लेकिन अब विधानसभा में दोनों परस्पर विरोधी पार्टियों का मिल-जुल वोट करना तो हाथ मिलाना क्या, दिलो-दिमाग मिलाना हो गया। यहां असली सवाल यह है कि किसी राज्य का इस तरह केंद्र सरकार और संसद के विरुद्ध जाना क्या उचित है, क्या संवैधानिक है, क्या संघात्मक शासन प्रणाली के अनुकूल है ? इन तीनों प्रश्नों का जवाब नकारात्मक हो सकता है और अदालत भी वैसा कह सकती है लेकिन यदि मान… Continue reading नागरिकताः केरल में बगावत

केरल विधानसभा में सीएए को वापस लेने की मांग वाला प्रस्ताव पारित

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव मंगलवार को पारित हो गया। इसे भी पढ़ें : सर्वसम्मति से पारित हुआ संविधान संशोधन विधेयक राज्य में सत्तारुढ़ माकपा नीत एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव का समर्थन किया, वहीं, भाजपा के एकमात्र विधायक एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने इसका विरोध किया। यह विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र था। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया था।

एनपीआर के भी खिलाफ गैर-भाजपा सीएम!

ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी का विरोध अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर के विरोध में बदल जाएगा। हालांकि कई राज्यों ने एनपीआर को अधिसूचित भी कर दिया है और कर्मचारियों का प्रशिक्षण चल रहा है। पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके विरोध की शुरुआत कर दी है।

केरल में सीएए लागू करने में मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं : मुरलीधरन

विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है कि केरल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू करने में मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन

सीएए पर विजयन,चैन्निथला का एक साथ धरना

तिरुवनंतपुरम। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सोमवार को केरल में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष एक साथ नजर आये । इसकी वापसी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन एवं विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने एक साथ यहां शहीद स्थल के निकट धरने पर बैठे। सीएए के खिलाफ सुबह दस बजे से यह धरना शुरू हुआ जो अपराहन एक बजे तक चला। मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता के अलावा इसमें राज्य के कई मंत्रियों तथा विभिन्न दलों के नेताओं ने भी इस संयुक्त आंदोलन में शिरकत की। विजयन ने आरोप लगाया कि सीएए देश के धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक चरित्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर नागरिकता दिया जाना संविधान का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इसके जरिए सांप्रदायिक आधार पर लोगों को विभाजित करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केरल इस तानाशाही कानून के खिलाफ अंतिम दम तक संघर्ष करेगा।  चेन्निथला ने आरोप लगाया कि संघ परिवार धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने की साजिश कर रहा है और भारतीय जनता पार्टी उसके बताये मार्ग को अपनाते हुए सीएए लागू करने पर जोर दे रही है।  

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