PM CARES Fund

  • पीएम केयर्स फंड पर सवाल नहीं पूछना है

    संसद में पिछले एक दशक से लोकतंत्र का स्पेस लगातार सिकुड़ता जा रहा है। सरकार ने लोकसभा में उपाध्यक्ष चुनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। पिछली लोकसभा में पांच साल उपाध्यक्ष नहीं रहा और इस लोकसभी के भी दो साल होने जा रहे हैं। संसदीय समितियों का कामकाज सीमित कर दिया गया है। प्रवर समिति और संयुक्त संसदीय समिति भी अपवाद के लिए भी बनती हैं। दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों पर लगातार विपक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि वे विपक्ष की बात नहीं सुनते हैं। जिन मुद्दों पर बोलने से विपक्ष को रोका जाता...