PM Modi Norway

  • प्रश्न-फुहार को रोकती मुंह-मोड़ू छतरी

    सोचे कि एक हेले और एक अभिजित का छोटा-सा कंकर भी हमारे संसार के समंदर में ऐसा अंधड़ पैदा कैसे कर देता है? इस के बीज कहीं तो हमारी ही शुष्क प्रणालीगत धरती में दफ़्न हैं। ज़रा-सी नमी मिलते ही वे फरफरा कर अंकुरित हो जाते हैं। नहीं क्या? भारत की सियासत आजकल बहुत ही दिलचस्प दौर से गुज़र रही है। दो अजीबोग़रीब, मगर आधारभूत, प्रसंगों ने दुनिया के सामाजिक-राजनीतिक-संप्रेषण विशेषज्ञों को झकझोर डाला है। एक प्रसंग की वज़ह से नार्वे की पत्रकार हेले लिंग रातोंरात वैश्विक समाचार जगत के आसमान पर छा गईं। दूसरे प्रसंग में अभिजित दीपके अपने...