‘मुसलमान का काम नहीं करूंगा’ यह कहना अब फैशन है
पहले भी भारतीय जनता पार्टी सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण करती थी। हिंदू और मुस्लिम का मुद्दा बनाए बगैर उसके लिए चुनाव जीतना हमेशा मुश्किल काम होता था। लेकिन अब एक नया फैशन देखने को मिल रहा है। छोटे से लेकर बड़े नेता तक खुल कर कहने लगे हैं कि ‘हमको मुसलमान का वोट नहीं चाहिए’ या ‘हमको मुसलमान ने वोट नहीं दिया है’ या ‘हम मुसलमान का काम नहीं करेंगे’। पहले इस तरह के बयान नहीं दिए जाते थे। चुनाव में उम्मीदवार हर जाति, समुदाय के लोगों से वोट मांगते थे और चुनाव के बाद सबका काम करने का संकल्प...