Pritam Pedro

  • डिजिटल दुनिया में इंसानियत का पासवर्ड: ‘प्रीतम एंड पेड्रो’

    जब ओटीटी पर अपराध आधारित कहानियां अक्सर हिंसा, अंधेरे और सनसनी का सहारा लेती हैं, तब ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ एक अलग रास्ता चुनती है। यह विश्वास करती है कि गंभीर बात भी मुस्कुराते हुए कही जा सकती है। यही इसकी सबसे बड़ी सफलता है। इस सीरीज़ को देखते हुए बार-बार लगा कि डिजिटल युग में हमें केवल साइबर सुरक्षा की नहीं, भावनात्मक सुरक्षा की भी ज़रूरत है। सिने -सोहबत एक समय था जब घरों के दरवाज़ों पर मज़बूत कुंडियां लगाई जाती थीं। रात को सोने से पहले घर का सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति उठ कर एक बार ताला ज़रूर देखता था।...