विज्ञान के पार की संवेदना है ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’
यहां फ़िल्म किसी आदर्श नायक की छवि नहीं गढ़ती, बल्कि एक साधारण इंसान को दिखाती है, जो डरता है, हिचकिचाता है, पर अंततः सही निर्णय लेने की कोशिश करता है। अक्सर यह बहस होती है कि क्या तकनीक हमें अधिक मानवीय बना रही है या कम। ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ इस बहस को एक अलग दृष्टिकोण देती है। यह फ़िल्म दिखाती है कि तकनीक और मानवता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। सिने–सोहबत कभी-कभी सिनेमा हमें केवल मनोरंजन नहीं देता, बल्कि हमें हमारे समय, हमारी सीमाओं और हमारी संभावनाओं के बारे में सोचने के लिए विवश करता है। आज के सिने-सोहबत में...