kishori-yojna
द्रमुक ने राज्यसभा में कार्यस्थगन का नोटिस दिया

द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर आज नियम 267 के तहत कार्यस्थगन का नोटिस दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक आदेश में कहा है

पदोन्नति में आरक्षण पर तुरंत कदम उठाए सरकार: मायावती

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से असहमति व्यक्त करते हुए कहा

जातीय आरक्षण के विरुद्ध फैसला

सर्वोच्च न्यायालय के एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसले पर देश के अखबारों और चैनलों का बहुत कम ध्यान गया है। फैसले का मैं इसलिए स्वागत करता हूं कि यह देश से जातिवाद को खत्म करने में बहुत मदद करेगा। फैसला यह है कि आप किसी भी सरकार को जाति के आधार पर नौकरियों में आरक्षण देने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। हमारे देश में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ों को आरक्षण देने की प्रथा चली आ रही है। सरकारी नौकरियों में इनकी संख्या इनके अनुपात में काफी कम है। उनके साथ सदियों से अन्याय होता रहा है। ये सब लोग मेहनतकश होते हैं। हाड़तोड़ काम करते हैं। हमारे राजनीतिक दलों ने इस अन्याय को ठीक करने के लिए एक बहुत ही सस्ता-सा रास्ता निकाल लिया है। वह है, सरकारी नौकरियों में उनके आरक्षण दे दिया जाए। कोई आदमी किसी पद के योग्य है या नहीं है, यदि वह अनुसूचित है या पिछड़ा है तो उसे उस पद पर प्रतिष्ठित किया जा सकता है। इन जातियों के लोगों ने इसे अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ लिया था। लेकिन कुछ वर्ष पहले सर्वोच्च न्यायालय ने पिछड़ों में जो क्रीमी लेयर याने मलाईदार परत याने संपन्न लोग हैं, उनके आरक्षण को अनुचित बताया और… Continue reading जातीय आरक्षण के विरुद्ध फैसला

नौकरियों में आरक्षण पर घमासान

कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय द्वारा पदोन्नति में आरक्षण को मौलिक एवं संवैधानिक अधिकार नहीं मानने एवं इसे सरकार का विवेकाधिकार बताये जाने पर आज कड़ी आपत्ति व्यक्त की और इसके लिए केन्द्र एवं उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार बताया।

पदोन्नति में आरक्षण के लिए राज्य बाध्य नहीं  : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि पदोन्नति में आरक्षण न तो मौलिक अधिकार है, न ही राज्‍य सरकारें इसे लागू करने के लिए बाध्‍य है।

और लोड करें