रास्ता बन गया है, आगे की फि़क्र कीजिए

मैं आप को वह कहानी याद दिलाना चाहता हूं, जिसमें एक सोते व्यक्ति की तोंद पर से चूहा दौड़ कर निकल गया था और आधी रात उसने ऐसी हाय-तौबा मचाई कि परिवार-तो-परिवार, पूरे मुहल्ले को जगा कर इकट्ठा कर लिया। जब लोगों को मालूम हुआ कि माज़रा इतना पिद्दा है तो सब ने उसे कोसा… Continue reading रास्ता बन गया है, आगे की फि़क्र कीजिए

कांग्रेस के क्षत्रप मौका देख रहे

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों की कई तरह से व्याख्या हुई है। जिस पार्टी या नेता को जो नतीजा अपने अनुकूल लग रहा है वह उसका प्रचार कर रहा है। पश्चिम बंगाल में दो सौ से ज्यादा सीट जीतने का दावा करने वाली भाजपा 77 सीट जीतने को अपनी बड़ी जीत बता रही है तो… Continue reading कांग्रेस के क्षत्रप मौका देख रहे

कोविड में विफलता का भी नुकसान

भारतीय जनता पार्टी के नेता मानें या न मानें पर पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण की महामारी एक बड़ा मुद्दा बन गई थी। खास कर आखिरी चार चरण में। इन्हीं चार चरणों में ममता बनर्जी की पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। असल में चार चरण का मतदान खत्म होने तक पूरे… Continue reading कोविड में विफलता का भी नुकसान

मोदी की ऑक्सीजन और वक्त के ‘नतीजे’!

यों ‘वक्त’ क्षणभंगुर रूप में है। मेरे, आपके, किसी के भी ऑक्सीजन को वक्त किस क्षण डाउन कर दे, जीवन को लुप्त कर दे यह मौजूदा समय की सच्चाई है। तो कौम-देश का राजा अपने आपको कितना ही अजेय, भाग्यशाली समझे, वह असल में बदकिस्मती का सर्वाधिक मारा है। तभी अपना मानना है कि नरेंद्र… Continue reading मोदी की ऑक्सीजन और वक्त के ‘नतीजे’!

कांग्रेस का घटता राजनीतिक स्पेस

शायद ही किसी को याद होगा कि 2014 के बाद से पिछले सात साल में राहुल गांधी कितनी बार मीडिया के सामने आकर अपनी हार कबूल कर चुके हैं। यह उनकी भलमनसाहत है और साहस भी है कि पार्टी चुनाव हारती है तब भी वे मीडिया के सामने आते हैं और हार स्वीकार करते हैं।… Continue reading कांग्रेस का घटता राजनीतिक स्पेस

विजयन, सोनोवाल का राज लौटा, डीएमके भी जीती

नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल को छोड़ कर बाकी पांच राज्यों में वास्तविक नतीजे लगभग वैसे ही आए, जैसे एक्जिट पोल में बताया गया था। तमिलनाडु में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने शानदार जीत दर्ज की तो केरल में कम्युनिस्ट पार्टी का राज लगातार दूसरी बार लौटा।… Continue reading विजयन, सोनोवाल का राज लौटा, डीएमके भी जीती

कांग्रेस पर पूर्व कांग्रेसियों की नजर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने से पहले कई पार्टियों में अंदरखाने राजनीतिक हलचल चल रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं की बैठक की है। वैसे तो यह बैठक चुनाव नतीजों को लेकर हुई थी लेकिन बताया जा रहा है… Continue reading कांग्रेस पर पूर्व कांग्रेसियों की नजर!

पांच राज्यों में वोटों की गिनती आज

नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के लिए हुए मतदान के बाद अब वोटों की गिनती की बारी है। रविवार को पांचों राज्यों में वोटों की गिनती होगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनावों के लिए वोटों की गिनती रविवार को ही होगी। हाई कोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों की… Continue reading पांच राज्यों में वोटों की गिनती आज

जो मिलेगा वह भाजपा की जीत होगी!

पांच राज्यों के चुनाव नतीजे भाजपा के लिए बहुत अहम हैं। लेकिन यह समझने की बात है कि असम छोड़ कर भाजपा के पास इन राज्यों में गंवाने के लिए कुछ नहीं है। मीडिया में यह विमर्श जरूर बना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा हारेगी और तृणमूल कांग्रेस जीतेगी। लेकिन यह अधूरी बात है।… Continue reading जो मिलेगा वह भाजपा की जीत होगी!

नतीजों से फोकस हटवाने की कोशिश

कांग्रेस पार्टी के नेताओं का एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो विधानसभा चुनाव के नतीजों से फोकस हटवाना चाहता है। राहुल गांधी की टीम के नेता ऐसा चाहते हैं कि चुनाव नतीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं रहे क्योंकि उनको लग रहा है कि कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं होने जा रहा है। केरल और… Continue reading नतीजों से फोकस हटवाने की कोशिश

एक्जिट पोल का कोई मतलब नहीं

पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण के मतदान के बाद 29 अप्रैल को आए एक्जिट पोल के नतीजों में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच लगभग बराबरी का मुकाबला दिखाया गया है। लेकिन यह यकीन करने लायक नहीं है। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता है कि यह गलत ही होगा या सही ही… Continue reading एक्जिट पोल का कोई मतलब नहीं

कोरोना में चुनाव आयोग भी जिम्मेदार!

वैसे तो पिछले कुछ वर्षों में भारत की लगभग सभी संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र के कथित स्तंभों ने अपनी साख गंवाई है लेकिन जैसी अक्षमता और लापरवाही चुनाव आयोग के कामकाज में देखने को मिली है वह अभूतपूर्व है। इस समय अगर पूरा देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर के भंवर में फंसा है तो… Continue reading कोरोना में चुनाव आयोग भी जिम्मेदार!

राजनीतिः सेवा नहीं, मेवा है

देश के सिर्फ पांच राज्यों में आजकल चुनाव हो रहे हैं। ये पांच राज्य न तो सबसे बड़े हैं और न ही सबसे अधिक संपन्न लेकिन इनमें इतना भयंकर भ्रष्टाचार चल रहा है, जितना कि हमारे अखिल भारतीय चुनावों में भी नहीं देखा जाता। अभी तक लगभग 1000 करोड़ रु. की चीजें पकड़ी गई हैं,… Continue reading राजनीतिः सेवा नहीं, मेवा है

चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

कोलकाता। केंद्रीय चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव प्रचार, रैलियों और रोडशो आदि को लेकर बातचीत की जाएगी। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान हो रही रैलियों और रोडशो में कोरोना के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया… Continue reading चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

क्या हर राज्य में त्रिशंकु विधानसभा होगी?

यह कमाल इस बार विधानसभा में हो सकता है कि पांच राज्यों के चुनाव के बाद हर राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी हुई दिखे। हालांकि पश्चिम बंगाल में चुनाव पूर्व तमाम सर्वेक्षणों में कहा गया है कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की सीटें कम होंगी फिर भी वे बहुमत हासिल कर लेंगी। उनको… Continue reading क्या हर राज्य में त्रिशंकु विधानसभा होगी?

नतीजों से पहले खरीद-फरोख्त का हल्ला!

पिछले दिनों एक रिपोर्ट आई थी कि 2016 से 2020 के बीच पाला बदल कर दूसरी पार्टियों में जाने और उसकी टिकट से चुनाव लड़ने वाले विधायकों में से 45 फीसदी विधायक भाजपा में गए हैं। 2016 से 2020 के बीच कुल 405 विधायकों ने अपनी पार्टी छोड़ी, जिनमें से 182 लोग भाजपा में गए… Continue reading नतीजों से पहले खरीद-फरोख्त का हल्ला!

केरल, बंगाल, पुड्डुचेरी में भी सस्पेंस

असल में तमिलनाडु को छोड़ कर बाकी चारों राज्यों में जहां चुनाव हुआ है या हो रहा है वहां नतीजों को लेकर सस्पेंस हैं। इसलिए अभी से संभावित विधायकों की पहचान की जाने लगी है और खरीद-फरोख्त की तैयारी होने लगी है। असम तो चर्चा में आ गया क्योंकि एआईयूडीएफ और बीपीएफ ने अपने उम्मीदवारों… Continue reading केरल, बंगाल, पुड्डुचेरी में भी सस्पेंस

चुनाव हर साल हो तो अच्छा!

नरेंद्र मोदी जिस दिन से प्रधानमंत्री बनें हैं उस दिन से एक देश, एक चुनाव की बात कर रहे हैं, लेकिन उसके बाद से ही जिस तरह चुनाव आयोग एक-एक राज्य में आठ-आठ चुनाव करा रहा है उससे लगता है कि प्रधानमंत्री यह बात मजाक में कहते हैं। असल में वे भी चाहते हैं कि… Continue reading चुनाव हर साल हो तो अच्छा!

मतदान के दिन प्रचार का सिलसिला जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मतदान के दिन चुनावी रैलियां करने का रिकार्ड कायम है। प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उन्होंने यह शुरू किया था कि कई चरणों में मतदान वाले राज्यों में वे उस दिन जरूर रैली करने जाते हैं, जिस दिन मतदान चल रहा होता है। जिस क्षेत्र में मतदान हो रहा होता… Continue reading मतदान के दिन प्रचार का सिलसिला जारी

नकचढ़े विपक्ष की भुरभुरी मूरत

पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव नतीजे अगर भारतीय जनता पार्टी के लिए खराब रहे भी, जो कि, अन्य सभी स्थितियां सामान्य रहने की दशा में, रहेंगे ही; तो भी हो क्या जाएगा? कांग्रेसियों के मनोबल में चंद रोज़ के लिए थोड़ा-सा उफ़ान आ जाएगा, ममता बनर्जी की उमंगों को थोडा़-सा सहारा मिल जाएगा और… Continue reading नकचढ़े विपक्ष की भुरभुरी मूरत

चुनाव पर इतनी अनिश्चितता क्यों?

इससे पहले शायद ही कोई ऐसा चुनाव रहा होगा, जिसमें इतनी किस्म की अनिश्चितताएं दिखी हों। पुड्डुचेरी से लेकर केरल और पश्चिम बंगाल से लेकर असम तक जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं वहां कोई न कोई विवाद, अनिश्चितता, आरोप या गड़बड़ी देखने को मिली है। यह चुनाव आयोग की स्वतंत्र व निष्पक्ष… Continue reading चुनाव पर इतनी अनिश्चितता क्यों?

संस्थाओं की साख का सवाल

चुनाव करा रही संस्थाओं की साख पर बड़ा सवाल उठा है। यह पहली बार है, जब इस तरह से संस्थाएं विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आई हैं। चुनाव आयोग के ऊपर तो खैर कुछ पहले से आरोप लगने लगे थे लेकिन अर्धसैनिक बलों पर पहली बार आरोप लगे हैं कि वे मतदान को प्रभावित करने… Continue reading संस्थाओं की साख का सवाल

विपक्ष से विपक्ष की तरह नहीं लड़ती भाजपा

भारतीय जनता पार्टी विपक्षी पार्टियों को विपक्ष की तरह नहीं ट्रीट नहीं करती है और न चुनाव को चुनाव की तरह लड़ती है। विपक्ष उसके लिए चोर, बेईमान, भ्रष्ट, अपराधियों की जमात है और चुनाव खूनी जंग है। भाजपा इसी सोच के साथ पश्चिम बंगाल में या असम में चुनाव लड़ रही है। भाजपा के… Continue reading विपक्ष से विपक्ष की तरह नहीं लड़ती भाजपा

चार राज्यों में खत्म हुआ प्रचार

नई दिल्ली। चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के प्रचार का शोर थम गया है और साथ ही पश्चिम बंगाल में तीसरे चरण के मतदान के लिए भी प्रचार बंद हो गया है। बंगाल में तीसरे चरण में 31 सीटों पर मंगलवार को मतदान होगा। असम में तीसरे व अंतिम चरण में बची हुई 40 सीटों… Continue reading चार राज्यों में खत्म हुआ प्रचार

चुनाव के लिए कैसे कैसे फैसले?

भारतीय जनता पार्टी केंद्र की सरकार में होने का भरपूर फायदा उठा रही है। उसकी सरकार पांच राज्यों में चल रहे चुनाव को प्रभावित करने वाले हर संभव फैसले कर रही है। हालांकि ये फैसले भाजपा या उसकी सहयोगियों को कितना वोट दिला पाएंगे, यह नहीं कहा जा सकता है। जैसे केंद्र सरकार ने तमिलनाडु… Continue reading चुनाव के लिए कैसे कैसे फैसले?

केंद्रीय एजेंसियों से विपक्ष को लड़ना

ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार किसी को पुरस्कार देने या अपने फैसला वापस लेने जैसे छोटे-छोटे कामों से ही चुनाव को अपने पक्ष में प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। अपने पक्ष में सकारात्मक प्रयासों के साथ साथ विपक्ष को दबाने, कुचलने या परेशान करने वाले काम भी हो रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों… Continue reading केंद्रीय एजेंसियों से विपक्ष को लड़ना

रैली, रोड शो रोके चुनाव आयोग

केंद्रीय चुनाव आयोग को देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। अगर आयोग को खुद नहीं दिख रहा है तो उसे सोशल मीडिया में बन रहे मजाक को ही पढ़ना चाहिए तो समझ में आएगा कि इस समय आयोग कितनी बड़ी भूल कर रहा है।

जो हारेगा वह कलह झेलेगा

यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि इस बार पांच राज्यों का चुनाव पार्टियों की आंतरिक राजनीति के लिए भी बहुत निर्णायक होगा। भाजपा में चाहे एक व्यक्ति का कितना भी मजबूत नेतृत्व है लेकिन अगर पांच राज्यों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो कलह होगी।

मोदी की मेहनत और जोखिम

सही है जब पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन-रात एक किए हुए हैं, रिकार्ड तोड़ सभाएं कर रहे हैं, संघ-भाजपा ने सब कुछ झोंक डाला है तो भाजपा कैसे चुनाव हार सकती है?

दिखेगी भविष्य की तस्वीर

वैसे तो विधानसभा चुनाव पांच राज्यों में हो रहे हैं पर दो राज्यों का चुनाव ऐसा है, जिसके नतीजे से देश के राजनीतिक भविष्य की तस्वीर साफ होगी। पश्चिम बंगाल और असम में जो भी नतीजा आएगा वह सामान्य नहीं होगा, वह देश की राजनीति को बदलने वाला होगा।