raakh crime series

  • आग के बाद का अंधेरा: ‘राख’

    कुछ कहानियां हमें डराती नहीं हैं। वे हमें बेचैन करती हैं। डर कुछ देर का होता है। बेचैनी देर तक साथ चलती है। वह कहानी खत्म होने के बाद भी हमारे भीतर अपना घर बनाए रखती है और बार-बार एक ही सवाल पूछती है कि आखिर ऐसा हुआ क्यों? सिने-सोहबत प्राइम वीडियो की नई अपराध शृंखला ‘राख’ मेरे लिए इसी दूसरी श्रेणी की कहानी है। पहली नज़र में यह एक अपराध की जांच-पड़ताल है। सन् 1978 की दिल्ली में दो किशोर भाई-बहन, सुमन और साहिल अरोड़ा, अचानक गायब हो जाते हैं। सुमन महज 16 साल की है और आकाशवाणी पर...