Rights

  • अधिकार के मूल में

    प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत में समस्या अधिकारों का अभाव नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारों का सार्थक ढंग से उपभोग किया जा सके। भारत की जमीनी हकीकत से परिचित लोग सहज ही इस राय से इस्तेफ़ाक रखेंगे। अधिकारों पर जारी बहस के बीच प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने यह महत्त्वपूर्ण टिप्पणी की है कि ‘जिस अधिकार का व्यवहार में उपभोग ना किया जा सके, वह कागजी वायदे के ज्यादा कुछ नहीं है।’ उन्होंने कहा कि भारत में समस्या अधिकारों का अभाव नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारों का सार्थक ढंग से उपयोग किया...