Rishivar Maharishi Parashar

  • त्रिकालदर्शी ऋषिवर महर्षि पराशर

    पराशर का जीवन एक सेतु है—आकाश और पृथ्वी के बीच, ज्ञान और कर्म के बीच, ऋषित्व और लोक के बीच। उन्होंने ज्ञान को गुफाओं से निकालकर खेतों, आकाश और समाज तक पहुँचाया। यही उनकी सबसे बड़ी महत्ता है। आज जब मनुष्य विज्ञान और अध्यात्म के बीच उलझा हुआ है, पराशर का मार्ग हमें संतुलन सिखाता है। वे बताते हैं कि ज्ञान का उद्देश्य विभाजन नहीं, समन्वय है। 18 अप्रैल-महर्षि पराशर जयंती भारतीय वाङ्मय के आकाश में कुछ नाम केवल उजाला नहीं देते, वे दिशा भी देते हैं। महर्षि पराशर ऐसा ही एक नाम हैं—त्रिकालदर्शी, जिनकी दृष्टि समय की तीनों धाराओं...