saints

  • भारत में सच्चे संतों की कमी नहीं!

    आज देश में सनातन धर्म के नाम पर शोर मचाने वाले ऐसे हज़ारों धर्मध्वजी, आत्मघोषित ‘संत’ गुरु, कथावाचक आदि सोशल मीडिया और समाज में छा गए हैं, जिनका आचरण दूर-दूर तक संतों जैसा नहीं है। रंगमंच के कलाकारों के जैसे रंगबिरंगे चमकीले-भड़कीले डिज़ाइनर वस्त्र पहन कर सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साये में विशाल पंडालों में श्रोताओं के सम्मुख स्वयं को किसी राजाधिराज की तरह प्रस्तुत करना आम हो गया है। इसलिए कहावत है, ‘पानी पीजिए छान कर, गुरु कीजिए जान कर।’ बाबा नीब करौरी के जीवन के पूर्वार्ध पर बनी फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश के सनातनधर्मियों के हृदय को स्पर्श...