अधूरे प्यार और कठिन बचपन ने गढ़ा संजय लीला भंसाली का रोमांटिक सिनेमा
हमेशा ये माना जाता है कि जो हम अपनी असल जिंदगी में नहीं कर पाते हैं, उसे कल्पनाओं में करने की कोशिश करते हैं। कल्पनाओं में कोई बंदिश नहीं होती, वे स्वतंत्र होती हैं और ऐसी स्वतंत्र कल्पनाओं को नया रूप और रंग देकर किरदार और संवाद में पिरो देने का जज्बा सिर्फ संजय लीला भंसाली के अंदर है। निर्माता और निर्देशक संजय लीला भंसाली 24 फरवरी को अपना 63वां जन्मदिन मनाएंगे। आज हम जानते हैं कि छोटी सी चॉल से निकलकर कैसे भंसाली ने अपनी कल्पनाओं के साथ बड़ा साम्राज्य बनाया। 300 स्क्वायर फीट की चॉल में जहां 5...