विजय और सतीशन की मिसाल
तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों ने एक अच्छी मिसाल बनाई है। जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे उनमें पश्चिम बंगाल और असम में तो पक्ष और विपक्ष के बीच ऐसा माहौल है जैसे दोनों एक दूसरे के दुश्मन हों। चुनाव के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्ष की परवाह नहीं की तो विपक्ष के नेताओं ने भी पहले दिन से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्ष का कोई भी नेता न तो शुभेंदु अधिकारी की शपथ में गया और न हिमंत बिस्व सरमा की शपथ में गया। विपक्ष का कोई नेता विजय की शपथ में भी नहीं गया।...