पावन दीयों का सियासी शस्त्रीकरण
गणेश जी का उत्सव दस दिनों तक मनाया जाता है। दुर्गापूजा भी नौ रात्रियों तक मनाई जाती है। रामलीला का आयोजन भी आमतौर पर दस दिनों तक चलता है। भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी भी मथुरा-वृंदावन में पूरे सप्ताह मनाई जाती है। पुरी में भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव भी दस दिनों तक चलता है। तिरुपति बालाजी का श्रीवरी ब्रह्मोत्सव नौ दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। अब इस परंपरा में नरेंद्र भाई के ‘सेवा-संकल्प’ में पूरे एक महीने उत्सव और जुड़ने का हमें सौभाग्य मिला है। ज़िंदगी रोशन करने के लिए अपने घर की मुंडेर पर दीया जलाने की...