Shravan somvar

  • कालपुरुष की चेतना और श्रावण सोमवारी

    सनातन धर्म में कोई भी व्रत केवल आस्था या अंधविश्वास पर आधारित नहीं माना गया है। उसके पीछे प्रकृति, ऋतु परिवर्तन और खगोलीय घटनाओं का भी गहरा संबंध है। श्रावण मास इसका एक अच्छा उदाहरण है। श्रावण सोमवारी केवल सामान्य पूजा का दिन नहीं है। यह तंत्र, योग और उच्चतर साधना का भी विशेष समय माना गया है। भारतीय परंपरा और सनातन वैदिक साहित्य में काल (समय) को केवल घड़ी या दिनों की गणना नहीं माना गया है। इसे परम ब्रह्म की चेतना का प्रवाह माना गया है। पुरुषसूक्त और वेदों में काल को सृष्टि की व्यवस्था का आधार बताया...