शील और सौजन्य की प्रतिमूर्ति माता सीता
भारतीय वांग्मय में सीता भारतीय नारी भावना का चरमोत्कृष्ट चित्रण है। वाल्मीकि रामायण, रामचरित मानस सहित सपूर्ण रामकथा, नाना पुराण निगमागमों में व्यक्त नारी आदर्श सीता के रूप में सप्राण एवं जीवन्त हो उठे हैं। ऐसा कि स्त्री पात्रों में सीता ही सर्वाधिक विनयशीला, लज्जाशीला, संयमशीला, सहिष्णु और पातिव्रत की दीप्ति से दैदीप्यमान नारी नजर आती हैं। 6 मई - सीता नवमी रामायण की प्रमुख पात्रा माता सीता का जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में नवमी तिथि को तत्कालीन बिहार के मिथिला में होने की मान्यता के कारण इस तिथि को सीता जयंती के रूप में जाना जाता है...