ध्वंस के पार खड़ा सोमनाथ
आक्रमणकारियों ने धन के लोभ में मंदिर को लूटा, लेकिन वे उस श्रद्धा को नहीं लूट सके जो लोगों के हृदय में थी। सोमनाथ का पुनरुत्थान भारत की सांस्कृतिक संप्रभुता की पुनर्स्थापना है। सोमनाथ की यह गाथा केवल एक मंदिर का इतिहास नहीं, बल्कि आर्यावर्त की उस जिजीविषा का जीवंत प्रमाण है, जिसने समय के प्रहार सहकर भी अपनी अस्मिता को अक्षुण्ण रखा। भारत के पश्चिम तट पर प्रभास क्षेत्र में स्थित सोमनाथ केवल पत्थरों से बना मंदिर नहीं है, बल्कि यह आर्यावर्त की जिजीविषा, श्रद्धा और सांस्कृतिक निरंतरता का तेजस्वी प्रतीक है। विरासत के 75 वर्ष की यह गाथा...